झारखंड के चतरा में अफीम से बन रहा ‘ब्राउन शुगर’, पुलिस ने 2 लोगों को किया गिरफ्तार

झारखंड के चतरा जिले में अफीम की खेती के बाद अब अफीम से ब्राउन शुगर बनाने का धंधा भी शुरू हो गया है. 2 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

झारखंड के चतरा समेत अन्य जिलों में अफीम और ब्राउन शुगर का कारोबार काफी तेजी से फल-फूल रहा है. राज्य के अलग-अलग जिलों और शहरों में स्कूल-कॉलेज के बच्चों को भी इसकी लत लगाई जा रही है. सोमवार (25 मार्च 2024) को एक बड़ा खुलासा हुआ है. इसमें बताया गया है कि झारखंड में सिर्फ नशीले पदार्थों की खपत ही नहीं होती, बल्कि अब ब्राउन शुगर जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ झारखंड में ही बनने लगे हैं. यह कारोबार चल रहा है राज्य के चतरा जिले में.

28 किलो 50 ग्राम अफीम जैसा भूरा द्रव्य पुलिस ने किया जब्त

जी हां, अफीम से ब्राउन शुगर बनाने के धंधे में लिप्त दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है. चतरा पुलिस ने इन दोनों को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया है. पुलिस ने ब्राउन शुगर बनाने की मशीन और करीब 28 किलो 50 ग्राम अफीम जैसा भूरे रंग का द्रव्य बरामद किया है. इसकी कीमत करीब 1.40 करोड़ रुपए बताई जा रही है.

चतरा के एसपी विकास कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरे मामले की जानकारी देते हुए. रवि कुमार

चतरा जिले के वशिष्ठनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि चतरा के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि जिले के वशिष्ठनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में दो लोग मिलकर अवैध तरीके से अफीम से ब्राउन शुगर बनाने का धंधा कर रहे हैं. इस सूचना के आधार पर पुलिस ने चतरा के डीएसपी (मुख्यालय) के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम का गठन किया गया है.

देवनंदन गंझू और पंकज कुमार को चतरा पुलिस ने किया गिरफ्तार

छापेमारी दल ने वशिष्ठनगर के राजगुरु गांव में जाकर छापेमारी की और दो लोगों – देवनंदन गंझू औ पंकज कुमार से पूछताछ की. छापेमारी में पुलिस को इनके यहां से 28 किलो 50 ग्राम अफीम जैसा भूरे रंग का द्रव्य मिला. साथ ही अफीम से ब्राउन शुगर बनाने वाली मशीन भी मिली.

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अपराधियों ने माना- अफीम से बनाते थे ब्राउन शुगर जैसा ड्रग्स

पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि ये लोग ब्राउन शुगर जैसा नशीला पदार्थ तैयार करने के धंधे में लिप्त हैं. इसके बाद पंकज कुमार और देवनंदन गंझू को गिरफ्तार कर लिया गया. इनके खिलाफ वशिष्ठनगर थाने में 25 मार्च 2024 को केस नंबर 28/2024 दर्ज कर लिया गया.

चतरा जिले के वशिष्ठनगर थाना क्षेत्र के राजगुरु ग्राम में कुछ अफीम तस्करों ने अफीम जमा करके रखा है. डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में छापेमारी की गई. छापे में सहोदर भाई देवनंदन गंझू और पंकज कुमार के घर से 28 किलो 50 ग्राम अफीम बरामद हुआ. एक करोड़ 40 लाख रुपए इसकी कीमत बताई जा रही है. ये लोग अफीम से ब्राउन शुगर बनाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लिया. मामले की छानबीन की जा रही है.

विकास कुमार, एसपी, चतरा

एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज

इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18(बी)/28/29 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. पंकज और देवनंदन के खिलाफ जिस टीम ने छापेमारी की थी, उसमें चतरा के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) रोहित कुमार रजवार, पुलिस अवर निरीक्षक दिलेश्वर कुमार (थाना प्रभारी वशिष्ठनगर थाना), सैट-149 आईआरबी-3 के सशस्त्र बल, हवलदार उदय कुमार, आरक्षी निरंजन कुमार, आरक्षी दिलीप कुमार, आरक्षी अजित कुमार मंडल, आरक्षी मोहम्मद इफ्तेखार अंसारी शामिल थे.

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राजगुरु गांव के रहने वाले आरोपितों के यहां से मिले ये सामान

इस टीम ने आरोपियों के ठिकाने से 28 किलो 50 ग्राम अफीम जैसा भूरे रंग का द्रव्य पदार्थ, काले रंग के लोहे का जैक (मशीन) एवं उसका ढक्कन, 4 पीस लकड़ी के टुकड़े, गेरुआ रंग का टब और सफेद रंग का कपड़ा, जिस पर बीच में हल्के भूरे रंग का धब्बा लगा है, जब्त किए हैं. पुलिस ने बताया कि देवनंदन गंझू और पंकज कुमार दोनों वशिष्ठनगर थाना क्षेत्र के राजगुरु गांव के रहने वाले हैं. दोनों रूपनारायण गंझू के पुत्र हैं.

दो दिन पहले 15 लाख के ब्राउन शुगर के साथ पकड़ाया था तस्कर

बता दें कि दो दिन पहले ही चतरा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया था. वह ब्राउन शुगर की तस्करी करता था. कुंदा थाना की पुलिस ने उसके पास से 15 लाख रुपए के ब्राउन शुगर जब्त किए थे. तस्कर का नाम मिन्हाज अंसारी है, जो कुंदा थाना क्षेत्र के गेंदरा गांव का रहने वाला है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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