सेवानिवृत्ति के बाद लोगों को कर रहे हैं जागरूक

सेवानिवृत्ति होने के बाद जिंदगी की दूसरी पारी जीना आसान नहीं होता. जब किसी को नौकरी लगती हैं, तो उनके जीवन में नौकरी एक हिस्सा बन जाता है

प्रतिनिधि, चतरा

सेवानिवृत्ति होने के बाद जिंदगी की दूसरी पारी जीना आसान नहीं होता. जब किसी को नौकरी लगती हैं, तो उनके जीवन में नौकरी एक हिस्सा बन जाता है. रिटायर्ड होने के बाद सीनियर सिटीजन के रूप में अपनी अलग जिंदगी जीना पड़ता है. नौकरी से रिटायर्ड हुए लोगों से बात की गयी. सभी ने कहा कि नौकरी से रिटायर हुए हैं, जिंदगी से नहीं . लोगों को सही दिशा दिखा रहे हैं.

श्यामसुंदर दांगी

बच्चो को शिक्षा के प्रति कर रहे हैं जागरूक

गिद्धौर प्रखंड के श्यामसुंदर दांगी 20 वर्षो तक सरकारी शिक्षक के रूप में सेवा दिया. रिटायर्ड होने के बाद अपने गांव में बच्चो को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे है. लावालौंग प्रखंड के गरहे मध्य विद्यालय में शिक्षक रहे. उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रह कर वहां के बच्चो को बेहतर शिक्षा दिया. जीवन का मूल आधार शिक्षा ही है. इसलिए रिटायर्ड होने के बाद लोगो को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे है. साथ ही शिक्षा के महत्व को बता रहे है.

नागेश्वर राम दांगी

एकल विद्यालय में दे रहे सेवा

गिद्धौर के नागेश्वर राम दांगी 40 वर्षो तक सरकारी शिक्षा विभाग में अपना सेवा दिये. वे गिद्धौर प्लस टू उच्च विद्यालय में क्लर्क के पद कार्य किया. 2011 में रिटायर्ड हुए. इसके बाद शिक्षा सेवा से जुड़े हुए है. फिलहाल एकल विद्यालय के गिद्धौर अंचल के संच प्रमुख है. ग्रामीण व सुदूरवर्ती क्षेत्रों के वंचित बच्चो को शिक्षा से जोड़ने का काम करते है. उन्होंने बताया कि रिटायर्ड होने के बाद भी अपना सेवा में लगे हुए है. लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं.

अर्जुन राम दांगी

गरीबों को नि:शुल्क करते हैं इलाज

गिद्धौर के श्याम सुंदर दांगी 30 वर्षो तक सरकारी स्वास्थ्य विभाग में सेवा दिया. वे सदर प्रखंड के दारियातु स्वास्थ्य उप केंद्र से रिटायर्ड हुए. रिटायर्ड होने के बाद भी स्वास्थ्य सेवा से जुड़े हुए है. गांव-गांव घुम कर गरीब व असहाय लोगों को नि:शुल्क इलाज करते हैं. साथ ही लोगों को स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सुबह होते ही लोगों के सेवा में लग जाते हैं. सेवानिवृत होने के बाद और दायित्व बढ़ा हुआ है. सामाजिक, धार्मिक व अन्य कार्यो में बढ़ चढ़ कर भाग लेते है.

प्रयागराम दांगी

पर्यावरण के प्रति लोगों को कर रहे हैं जागरूक

गिद्धौर के प्रयागराम दांगी 40 वर्षो तक वन विभाग में अपना सेवा दिये. 2009 में चौपारण से वनपाल पद से रिटायर्ड हुए. इसके बाद क्षेत्र में आकर लोगो को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर रहे हैं. जंगल बचाने व लगाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पेड़ो की अवैध कटाई से पर्यावरण पर पड़ने वाला दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करते है. साथ ही पेड़-पौधे के महत्व को बताते हुए पेड़ लगाने व बचाने का संकल्प दिलाते है. पर्यावरण से ही शुद्ध हवा संभव है.

भुनेश्वर राम दांगी

युवाओं को दिखा रहे है सही दिशा

गिद्धौर के भुनेश्वर राम दांगी 38 वर्षो तक वन विभाग में अपना सेवा दिये. वे सिमरिया से 2005 में रिटायर्ड हुए. रिटायर्ड होने के बाद अपने गांव के लोगों को वन की सुरक्षा को लेकर जागरूक कर रहे है. साथ ही समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहे है. कई जगहो पर पेड़ पौधा लगाया. लोगो की समस्या को दूर करने का प्रयास करते है. इसके अलावा अपने समाज की मजबूती व युवाओं को सही दिशा में ले जाने के लिए मार्गदर्शन करता हुं, ताकि समाज मजबूत हो.

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Author: DEEPAK

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