गिद्धौर : गर्मी बढ़ते ही प्रखंड में पेयजल का संकट उत्पन्न होने लगा है. ग्रामीणों के साथ-साथ मवेशियों व जंगली जानवरों को भी समस्या से जूझना पड़ रहा है. पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकते देखे जा रहे हैं. नदी-नाले सूख चुके हैं. कुछ जगहों पर ग्रामीण नदी में चुआं बनाकर पानी का जुगाड़ कर रहे हैं.
भूमिगत जलस्तर नीचे चले जाने के कारण कई कुएं व चापानल सूख चुके है. प्रखंड के कई गांव में पानी की समस्या गहराने लगी है. कई विद्यालयो में चापानल खराब पड़ा है. इसके कारण मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में भी परेशानी हो रही है. गर्मी में पेयजल की समस्या से निबटने वाली सरकारी योजनाएं गर्मी में लोगों का साथ छोड़ रही है. मनरेगा से बनाये अधिकांश तालाब, डोभा, दो माह पूर्व ही सूख चुके हैं.
