गांव में एकमात्र चापानल
पहाड़ पर बने कुआं से ही पानी लाकर पीते हैं लोग
हंटरगंज : प्रखंड के अति उग्रवाद प्रभावित जंगल पहाड़ पर बसा लूटा व पटहा गांव चार दिनों से डायरिया की चपेट में है. गांव के एक दर्जन से अधिक लोग डायरिया से आक्रांत हैं. डायरिया से शोधन गंझू (22) की मौत हो गयी है. वहीं मृतक की पत्नी मंजू देवी की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
इसके अलावा गांव के ही महादेव गंझू व उसके पुत्र संतोष कुमार, मोहन कुमार, इश्वर गंझू की आठ वर्षीय पुत्री प्रमिला कुमारी, कंचन देवी, बढ़न गंझू व स्व राजदेव गंझू का 12 वर्षीय पुत्र बुधन कुमार डायरिया से आक्रांत है. सभी का इलाज गांव में ही किया जा रहा है. शोधन गंझू डायरिया से पीड़ित अपने गांव के लोगों का इलाज दंतार गांव में करा रहा था. ईलाज कराकर घर वापस लौटने के दौरान उसकी रास्ते में ही मौत हो गयी.
लूटा प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक रामप्रवेश साव ग्रामीणों की मदद में लगे हुए हैं. उन्होंने बताया कि डायरिया फैलने की जानकारी चार दिन पूर्व हंटरगंज अस्पताल को दी गयी थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में किसी तरह का कोई व्यवस्था नहीं किया गया. स्थिति गंभीर हो गयी. गांव में एकमात्र चापानल है. इसके अलावा ज्यादातर लोग पहाड़ पर बने कुआं से ही पानी लाकर पीते हैं.
