मनोहरपुर.मनोहरपुर प्रखंड के जोजोगुटू और हाकागुई गांव में करीबन 5 साल में पेयजल आपूर्ति के नाम पर 45.78 लाख रुपए खर्च किये गये. इसके बाद भी ग्रामीणों को अभी तक एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ. इन गांवों में दो अलग – अलग जलमीनार खड़े कर दिये गये हैं. लेकिन योजना से जुड़े 11 गांवों में पाइपलाइन नहीं बिछाये जाने के कारण पानी नहीं पहुंच पाया है. इससे जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. सुशील बरला ने सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को एक आवेदन देकर इस बाबत जानकारी मांगी थी. इसमें खुलासा हुआ कि हाक़ागुई और जोजोगुटू में बनायी गयी जलमीनार की कुल प्राक्कलित राशि क्रमशः 17 लाख 90 हजार 153 व 27 लाख 88 हजार 749 रुपए है.
उक्त राशि में से क्रमशः
17 लाख 645 और 26 लाख 99 हजार 311 रुपए खर्च कर दिये गये हैं. इस तरह कुल राशि का 95 फीसदी रुपये खर्च कर दिया गया है. लेकिन ग्रामीणों को एक बूंद पानी नहीं मिल सका है.मालूम हो कि मनोहरपुर प्रखंड में कई जगहों पर जलापूर्ति योजना का निर्माण हुआ है. लेकिन विभिन्न कारणों से कार्य अधूरा पड़ा हुआ है. यही वजह है कि ग्रामीणों को आज भी नदी, नालों और चुआं का दूषित पानी पीना पड़ रहा है. हाकागुई के जलमीनार से डिंबुली, अरवाकोचा, डुकुरडीह, हाक़ागुई, कमारबेड़ा, तेंदा और तुमसाई गांवों के कुल 30 टोला और जोजोगुटू के जलमीनार से जोजोगुटू, रायडीह, रोंगो और सोनपोखरी गांवों के कुल 41 टोला में जलापूर्ति होनी थी. परंतु इनमें से कई गांवों और टोलों में अभी तक पाइपलाइन का काम पूरा नहीं हुआ है.
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