Chaibasa News : मंजीत हाइबुरु हत्याकांड में महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

शराब पीने के बाद मारी गोली भाई संग वापस आकर गला रेता

चाईबासा.

पश्चिमी सिंहभूम जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बासाहातु में ग्रामीण मुंडा मंजीत हाइबुरु की निर्मम हत्या मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि हत्या को एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया. 11 मई को पहले आरोपी गंगाराम तियु ने शराब पीते हुए मंजीत से पहचान बनाई, फिर सुनसान जगह ले जाकर कनपट्टी पर गोली मारी. बाद में भाई सनातन तियु के साथ लौटकर फिर गोली मारी व चाकू से गला रेत दिया. गिरफ्तार आरोपियों में दोपाई गांव निवासी गंगाराम तियु (30) और उसकी चाची नागुरी तियु (35, सुपलसाई निवासी) शामिल हैं. पुलिस ने उनके पास से पिस्टल, दो खोखा, एक चाकू और बाइक बरामद की है. दोनों को एसडीपीओ बहामन टूटी के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

12 मई को दर्ज हुआ था मामला

एसडीपीओ बहामन टूटी ने प्रेसवार्ता में बताया कि 11 मई की रात मंजीत हाइबुरु की हत्या कर दी गयी थी. 12 मई को मृतक के बड़े भाई शेखर हाइबुरु के बयान पर हत्या का मामला मुफ्फसिल थाना में दर्ज किया गया. पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोचा.

चाची की मदद से खरीदा

हथियार

गंगाराम तियु ने अपनी विधवा चाची नागुरी तियु की मदद से पिस्तौल और चाकू खरीदे. 11 मई रात में अपने गांव के दोस्तों के साथ शराब पीने के क्रम में मंजीत हाईबुरु से उसका परिचय हुआ. देर रात तक सभी ने शराब का सेवन किया. इसके बाद मंजीत को बाइक को बीच में बैठाकर घर छोड़ने के बहाने सुनसान जगह पर ले गया. पीछे बैठा गंगाराम तियु ने पिस्तौल से कनपट्टी पर गोली चलायी. इसके बाद मुंडा जमीन पर गिर गया. इसके बाद गंगाराम तियु अपने दोस्तों के साथ वहां से फरार हो गया. फिर रात में गंगाराम तियु अपने सगे भाई सनातन तियु के साथ घटनास्थल के पास पहुंचा. फिर गोली चलायी और चाकू से गला रेत कर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद हथियार पास के झाड़ियों में छिपा दिए गए थे. छापामारी दल में पांड्राशाली ओपी प्रभारी मृणाल कुमार, पुअनि राजकुमार भगत, सअनि सुनील यादव, जितेंद्र कुमार व अन्य पुलिस बल शामिल थे. पुलिस अब मामले में अन्य संभावित आरोपियों और हथियारों की जांच कर रही है. छापामारी दल में पांड्राशाली ओपी प्रभारी मृणाल कुमार, पुअनि राजकुमार भगत, सअनि सुनील यादव, जितेंद्र कुमार व ओपी के अन्य सशस्त बल शामिल थे.

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Author: AKASH

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