Chaibasa News : सिमिदीरी पंचायत की सड़कें बदहाल, रिश्तेदारों ने गांव आना छोड़ा

प्रशासन की बेरुखी से ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी

चक्रधरपुर.

चक्रधरपुर प्रखंड की सिमिदीरी पंचायत में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. पंचायत की दो प्रमुख सड़कें इस कदर जर्जर हो चुकी हैं कि ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है. पूर्व पंचायत समिति सदस्य जयकुमार सिंहदेव, भावोग्रही प्रधान, कुलदीप सिंहदेव, राजकुमार सिंहदेव, कुलदीप प्रधान, नरेंद्र मुंडारी, तुरी बोदरा, नागो बोदरा, दीपक प्रधान, मंगल लोहार ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा है कि यदि जल्द ही सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे.

सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे और टूटे कल्वर्ट:

ग्रामीणों ने विशेष रूप से दो प्रमुख सड़कों की दुर्दशा पर चिंता जतायी है. ग्रामीणों ने बताया कि बाइपीड़ चौक से बनालता गांव तक 3 किमी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और कलवर्ट टूट गये हैं. इसी तरह आसनतलिया-शुकरूडीह दलकी तक 6 किमी तक सड़क पूरी तरह जर्जर हो गयी है. सड़कों की हालत इतनी खराब है कि बारिश के समय गड्ढों में पानी भर जाने से दुपहिया वाहन सवार आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने के कारण अब मेहमान भी गांव आने से कतराते हैं और चार पहिया वाहन में सफर करने पर लोगों की तबीयत बिगड़ जाती है.

उच्च विद्यालय का दर्जा मिला, पर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं

2023-24 में स्थानीय मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन बुनियादी ढांचा अब भी प्राथमिक स्तर का ही है. ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति हो, अतिरिक्त क्लास रूम और शौचालय का निर्माण किया जाये, चहारदीवारी और साइकिल स्टैंड की व्यवस्था की जाये.

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से नाराजगी

पूर्व पंचायत समिति सदस्य जयकुमार सिंहदेव ने कहा कि सड़कों और अन्य समस्याओं को लेकर संबंधित विभाग को कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अधिकारियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई. आज के आधुनिक युग में भी गांव तक सुगम सड़क संपर्क न होना प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि आसनतलिया से दलकी और बाइपीड चौक से बनालता तक सड़क निर्माण जनहित में अति आवश्यक है. प्रशासन यथाशीघ्र इन समस्याओं को दूर करे, अन्यथा ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जायेगा.

पंचायत में पेयजल की स्थिति भी दयनीय

ग्रामीणों का कहना है कि बनालता हरि मंदिर के पास स्थित 5000 लीटर की जलमीनार पिछले 6 महीनों से खराब पड़ी है. कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. आदिवासी टोला में जल संकट को देखते हुए सोलर जलमीनार लगाने की मांग की गयी. भुवनेश्वर मुंडा के घर से स्कूल होते हुए केदार सिजुई के घर तक 1600 फीट और हरि मंदिर से प्रधान टोला तक सड़क निर्माण की मांग की गयी.

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Published by: Atul pathak

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