Chaibasa News : 120 शिक्षकों को प्रोन्नति मिलने का मार्ग प्रशस्त, बढ़ेगा वेतन

कोल्हान विश्वविद्यालय. वर्षों से रुकी थी पदोन्नति की फाइल

चाईबासा. कोल्हान विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आयी है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्षों से लंबित पड़े प्रोफेसरों की प्रथम पदोन्नति से जुड़े मामलों की स्क्रूटनी प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया है. इससे विवि के करीब 120 शिक्षकों को प्रथम प्रोन्नति का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. विवि प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 में नियुक्त प्राध्यापक अब तक 6000 ग्रेड पे पर ही कार्यरत थे, जबकि नियमानुसार उन्हें चार और छह वर्षों की सेवा के के बाद 7000 और 8000 ग्रेड पे की प्रोन्नति मिल जानी चाहिए थी. लेकिन प्रशासनिक जटिलताओं और प्रक्रिया में देरी के कारण वर्षों से उन्हें यह लाभ नहीं मिल पा रहा था.

कुलपति ने लिया समयबद्ध कार्रवाई का संकल्प:

कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया. उन्होंने सभी संबंधित शाखाओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि 4 जुलाई 2025 तक प्रोन्नति से जुड़ी संचिकाओं की स्क्रूटनी हर हाल में पूरी होनी चाहिए. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस दिशा में युद्धस्तर पर कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है.

जेपीएससी को भेजी जायेंगी फाइलें

अब विश्वविद्यालय प्रशासन अगले सप्ताह सभी संचिकाओं को आवश्यक अनुशंसा के साथ झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को भेजेगा, जिससे औपचारिक प्रोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ सके. इस निर्णय से लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे विश्वविद्यालय के शिक्षकों में हर्ष की लहर दौड़ गयी है. कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. एके झा ने बताया कि कुलपति डॉ गुप्ता ने निर्धारित समयसीमा में प्रक्रिया पूरी होने पर संतोष व्यक्त किया है और इसे प्रशासनिक पारदर्शिता व दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.

बीएड मेथड पेपर व यूजी जेनरिक पेपर की विसंगति दूर करे विवि

बीएड मेथड पेपर व यूजी जेनरिक पेपर पाठ्यक्रम की विसंगतियां दूर करने के लिए शनिवार को छात्र प्रतिनिधियों ने केयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ अजय कुमार चौधरी से मुलाकात की. विद्यार्थियों ने उन्हें मांग पत्र सौंपा. छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि केयू बीएड व यूजी कार्यक्रम में पाठ्यक्रम को लेकर कई विसंगतियां हैं. एनसीटीइ व विश्वविद्यालय के नियमों के विरुद्ध है. बीएड में एक मेथड पेपर की पढ़ाई वर्ष 2015 से करायी जा रही है. वहीं एनसीटीइ के नियमानुसार, बीएड में दो मेथड पेपर की पढ़ाई होनी चाहिए. यह छात्रों के अकादमिक विकास के साथ-साथ उनके भविष्य की योग्यता को प्रभावित करेगा. बीएड के पाठ्यक्रम में आवश्यक सुधार करते हुए विद्यार्थियों के लिए स्पेशल परीक्षा आयोजित कर समस्या से मुक्त करें.

दो विषयों के जेनरिक पेपर की परीक्षा जरूरी:

छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्ष 2017 से यूजी पाठ्यक्रम में जेनरिक पेपर में दो विषयों के स्थान पर केवल एक पेपर की पढ़ाई करायी जा रही है. यह छात्रों को निर्धारित पाठ्यक्रम व उसके उद्देश्यों से वंचित कराता है. अन्य विश्वविद्यालय की तरह केयू भी गड़बड़ी को सुधारने के क्रम में यूजी (जीइ) के लिए स्पेशल परीक्षा आयोजित कर विद्यार्थियों को सही डिग्री प्रदान करने की दिशा में तत्काल पहल करे.

बीएड 2023-25 सत्र शीघ्र पूरा हो :

छात्रों ने कहा कि बीएड 2023-25 सत्र शीघ्र करवाया जाये. माध्यमिक आचार्य के 1373 पदों के लिए फॉर्म भरने का कार्य जारी है. यदि सत्र विलंब हुआ, तो कई छात्र आवेदन करने से वंचित हो सकते हैं. झाछामो के सनातन पिंगुआ ने कहा कि केयू का एकेडमिक सत्र लगभग आठ माह विलंब से चल रहा है. विवि समस्याओं पर टाल मटोल कर रहा है.

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Author: ATUL PATHAK

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