Chaibasa News : लाल चेहरा व पसीने से तरबतर घर पहुंच रहे बच्चे, सुबह 11 बजे तक स्कूल चलाने की मांग

लाल चेहरा व पसीने से तरबतर घर पहुंच रहे बच्चे, सुबह 11 बजे तक स्कूल चलाने की मांग

चाईबासा. आग बरस रही गर्मी से सर्वाधिक स्कूली बच्चे प्रभावित हैं. दोपहर में छुट्टी के बाद स्कूल से घर पहुंचने में बच्चों की हालत खराब हो जा रही है. बच्चों के चेहरे लाल व शरीर पसीने से तरबतर रह रहा है. स्कूल से निकलते ही बच्चे बैग या किसी कपड़ों से सिर ढंक रहे हैं. हालांकि, शिक्षा विभाग ने स्कूल के समय में परिवर्तन किया है. वहीं, अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में 11 बजे छुट्टी हो जानी चाहिए. इसके बाद स्थिति विकराल हो जाती है. मध्याह्न 12 बजे के बाद घर से निकलना घातक है. कई विद्यालयों का पोषक क्षेत्र 10 किलोमीटर की परिधि में है. ऐसे में बच्चों को इतनी दूरी तय करना खतरनाक है.

…क्या कहते हैं बच्चे…

मेरा गांव स्कूल से 16 किलोमीटर दूर है. आने-जाने में समस्या है. धूप में शरीर गर्म हो जाता है. सड़क के किनारे पानी नहीं मिलता है. लू चलने से बेहोशी जैसा लगता है. गमछा के सहारे विद्यालय आना जाना पड़ता है.

– शिवलाल कोड़ाह, छात्र

भीषण गर्मी में विद्यालय से लौटना बहुत तकलीफदेह है. घर से विद्यालय की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है. सुबह बिना नाश्ता के आना पड़ता है. ऐसे में भूख लग जाती है. कक्षा में बिजली कटने पर गर्मी लगती है.

– नागुरी कुदादा, छात्रा

गर्मी व प्रचंड धूप से परेशान हूं. छात्र बेहद परेशान हैं. स्कूल आने-जाने में लू लगने का खतरा रहता है. तपती धूप में लगता है शरीर जल रहा है. नये समय के बाद भी स्थिति खराब है. जानलेवा गर्मी है.

– नीतीश कुमार, छात्र

अप्रैल में ही तापमान 43 डिग्री पार कर रहा है. गर्मी अत्यधिक बढ़ने से उमस भी है. 12 बजे के बाद स्कूल से जाने के समय में और धूप लगती है. लू लगने का खतरा है. घर पहुंचने पर बेहोशी जैसा लगता है.

– अभिषेक ठाकुर , छात्रB

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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