वन प्रमंडल के आनंदपुर रेंज में हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग ने आधुनिक पहल की है. हाथियों के गांवों में अचानक प्रवेश और उससे होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए विशेष सायरन सिस्टम तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. इस आधुनिक यंत्र से हाथियों के आने की पूर्व सूचना ग्रामीणों को मिल जाएगी, जिससे जान-माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकेगा.पोड़ाहाट के डीएफओ नीतीश कुमार ने बताया कि आनंदपुर रेंज के अत्यधिक हाथी प्रभावित चार गांवों को योजना के लिए चुना गया है. इनमें से तीन गांवों धानापाली, प्रधानपाली और कुम्हारमुंडा में आधुनिक सायरन को सफलतापूर्वक इंस्टॉल कर ट्रायल पूरा कर लिया गया है. वहीं चौथे गांव कोलपोटका में जल्द स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है.
ऐसे काम करेगा स्मार्ट सायरन सिस्टम
मोबाइल नेटवर्क से जुड़ा रहेगा सिस्टम
सायरन सिस्टम में एक विशेष मोबाइल नंबर फीड किया गया है. यह नंबर गांव के ग्राममुंडा, वन रक्षा समिति के अध्यक्ष, स्थानीय वनरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) और एक नामित सक्रिय ग्रामीण के मोबाइल नंबरों से लिंक रहेगा.
कॉल करते ही बजेगा सायरन
जैसे ही गांव में हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलेगी, इन चार अधिकृत लोगों में से कोई भी उस विशेष नंबर पर कॉल करेगा. कॉल मिलते ही गांव में लगा सायरन तेज आवाज के साथ बज उठेगा, जिससे पूरे गांव के लोग तुरंत सतर्क हो जाएंगे और समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकेंगे.
हर कॉल का रहेगा रिकॉर्ड
सिस्टम में सायरन सक्रिय करने वाले प्रत्येक कॉल का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा. इसमें यह दर्ज होगा कि किस व्यक्ति ने, किस समय सायरन बजाने के लिए कॉल किया, ताकि तकनीक के दुरुपयोग को रोका जा सके और जवाबदेही सुनिश्चित हो.
डीएफओ ने क्या कहा
पोड़ाहाट के डीएफओ नीतीश कुमार ने बताया कि फिलहाल यह स्मार्ट सायरन एयरटेल और बीएसएनएल नेटवर्क पर संचालित हो रहा है. उन्होंने कहा कि कोलपोटका क्षेत्र में जियो नेटवर्क उपलब्ध है, इसलिए जल्द ही इस सिस्टम को जियो नेटवर्क से भी जोड़कर वहां सायरन स्थापित कर दिया जाएगा.
