Chaibasa News : भूमि विवाद और परिसीमन पर उठायी आवाज

जगन्नाथपुर : 'पोटो हो, नारा हो व बोड़ाए हो' के शहादत दिवस को लेकर पुनरुत्थान अभियान की बैठक

चाईबासा.

टाटा कॉलेज परिसर में शुक्रवार को झारखंड पुनरुत्थान अभियान की बैठक केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु की अध्यक्षता में आयोजित हुई. इस बैठक में झारखंड की भूमि संबंधी कानूनों (सीएनटी, एसपीटी एक्ट) के उल्लंघन पर चिंता जतायी गयी और परिसीमन, अनुसूचित जिला के नगर पार्षद तथा पोटो हो समेत स्थानीय वीर शहीदों के शहादत दिवस के आयोजन पर चर्चा हुई.

अभियान के संस्थापक व पूर्व राज्यसभा सांसद दुर्गा प्रसाद जामुदा ने बताया कि 22 जनवरी 2023 को गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन की नींव सेरेंगसिया में रखी गयी थी, जहां शहीदों की याद में उनका समाधि स्थल भी बनाया गया है. कोल्हान क्षेत्र के शहीद पुरखों द्वारा ज़मीन की रक्षा के लिए दी गयी कुर्बानियों का विशेष उल्लेख किया गया. इन दो वर्षों में संगठन के युवाओं ने दोषपूर्ण विकास मॉडल के नाम पर भूमि अधिग्रहण के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया. 1 जनवरी 2026 को जगन्नाथपुर में ””पोटो हो, नारा हो और बोड़ाए हो”” की शहादत दिवस मनाने पर विचार किया गया. परिसीमन प्रक्रिया में अनुसूचित जिलों के लिए आदिवासी आरक्षित सीटों को बढ़ाने की मांग आगे रखी जायेगी. संगठन द्वारा अनुसूचित जिलों का दौरा कर युवाओं को जागरूक करने तथा उनके नेतृत्व को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया. दुर्गा प्रसाद जामुदा ने कहा कि यह समय युवाओं के नेतृत्व का है, हम केवल मार्गदर्शन कर सकते हैं, असली संघर्ष युवाओं को करना होगा. पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकु ने भी कहा की अगले परिसीमन में आदिवासी प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए अभियान तेज किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >