Chaibasa News : बारिश थमी, जलजमाव की समस्या बरकरार

चक्रधरपुर. संजय और विंजय नदी का जलस्तर कम होने से किनारे बसे लोगों ने ली राहत की सांस

चक्रधरपुर. चक्रधरपुर में बीते तीन दिनों की मूसलाधार बारिश के बाद जहां एक ओर लोगों ने राहत की सांस ली है. वहीं जलजमाव की समस्या अब भी बनी हुई है. 17 जून की शाम से शुरू हुई लगातार बारिश 20 जून की सुबह जाकर थमी, जिससे शहर और ग्रामीण इलाकों में भारी जलभराव हो गया. 18 और 19 जून को लगातार वर्षा के कारण संजय और विंजय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था. इससे नदी किनारे बसे दंदासाई वार्ड संख्या 5, पुरानी बस्ती, बंगलाटांड और थाना नदी के आसपास के इलाकों के लोग चिंतित थे. हालांकि शुक्रवार को बारिश रुकने के बाद जलस्तर में गिरावट आयी, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली.

राजाबगान क्षेत्र के आधा दर्जन घर डूबे, रेलवे कॉलोनी में भी हालात गंभीर:

वार्ड संख्या 5 के राजा बगान क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक आदिवासी परिवारों के घरों में पानी घुस गया है. लोग बड़ी कठिनाई में हैं. वहीं रेलवे क्षेत्र की डब्लिंग कॉलोनी में कई क्वार्टरों में जलजमाव के कारण लोगों को असुविधा हो रही है.

नगर परिषद की पहल : जेसीबी से जलनिकासी द्वार की सफाई शुरू

लगातार जलभराव को देखते हुए शुक्रवार को नगर परिषद की ओर से रानी तालाब के जल निकासी द्वार की जेसीबी से सफाई करायी गयी. इसके साथ ही राजबाड़ी रोड जाने वाली पुलिया तथा वार्ड संख्या 5 और 6 को जोड़ने वाली पुलिया के नीचे जमे मलबे की सफाई भी की गयी, ताकि पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके. रानी तालाब का पानी दो दिनों से सड़क पर बह रहा है. इसके किनारे बसे घरों में रिसाव हो रहा है. तालाब से निकलने वाले जहरीले कीड़े-मकौड़े और सांप भी घरों में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों ने कहा-ड्रेनेज सिस्टम ठीक किया जाये:

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि जल निकासी की मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है. जिस तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है, उस अनुपात में ड्रेनेज सिस्टम का उन्नयन जरूरी है. जलजमाव से न केवल आवागमन में परेशानी हो रही है, बल्कि मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है.

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By ATUL PATHAK

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