Chaibasa News : उपभोक्ता बोले- बिजली दर वृद्धि से आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जीएम ने कहा- कम्युलेटिव रेवेन्यू गैप कम करना जरूरी

चाईबासा. बिजली दर में वृद्धि को लेकर इआरसी ने पिल्लई हॉल में जनसुनवाई की

चाईबासा.बिजली विभाग के विद्युत नियामक आयोग (इआरसी) ने प्रति यूनिट दर (रेट) में वृद्धि को लेकर बुधवार को चाईबासा स्थित पिल्लई हॉल में जनसुनवाई की. यहां उपभोक्ताओं ने कहा कि बिजली दर बढ़ने से आर्थिक बोझ बढ़ेगा. इस महंगाई में रेट बढ़ाना सही नहीं होगा.विद्युत विभाग के तकनीकी सदस्य अतुल कुमार व कानूनी सदस्य महेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में सुनवाई हुई. बिजली वितरण निगम के महाप्रबंधक ने कहा कि झारखंड की तुलना में अन्य राज्यों में बिजली दर ज्यादा है. झारखंड में भी प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं. उर्जा मित्र घरों में जाकर कनेक्शन करेंगे. उन्होंने कहा कि शहर के साथ गांवों में पावर की सप्लाई बढ़ी है. कम्युलेटिव रेवेन्यू (संचयी राजस्व) में काफी अंतर है. इस अंतर को पार करने के लिए बिजली दर बढ़ना जरूरी है.

कनेक्शन के समय ली जाने वाली सुरक्षा राशि पर ब्याज देने का सुझाव

चाईबासा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मधुसूदन अग्रवाल व सचिव नीरज संदवार ने उपभोक्ताओं के तरफ से बात रखी. कनेक्शन लेते समय ली जाने वाली सुरक्षा राशि को लोड के अनुसार प्रति किलोवाट की जगह प्रति कनेक्शन के हिसाब से एक महीने के बिजली बिल के बराबर लेने और सुरक्षा राशि पर ब्याज देने का सुझाव दिया. बिजली तार से सटे पेड़ों की टहनियों की कटाई के लिए चाईबासा सर्कल को नये वाहन को उपलब्ध कराने का सुझाव दिया.

घरों में बर्तन मांजने वाले का 45 हजार रुपये का बिल आया

जनसुनवाई में आधा दर्जन उपभोक्ताओं ने समस्याएं रखीं. पूर्व वार्ड पार्षद गंगा करवा ने कहा कि गाड़ीखाना मोहल्ले में एक परिवार काफी गरीब है. घरों में बर्तन साफ कर भरण-पोषण करता है. उक्त परिवार का बिजली बिल 45 हजार रुपये आया है. वह चुकाने में असमर्थ है. कई उपभोक्ताओं का बहुत ज्यादा बिल आ गया है.

बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ व बंगाल का आवलोकन करे विभाग

चाईबासा चेंबर के सचिव नीरज संदवार ने दर बढ़ाने से पहले बिहार, छत्तीसगढ़ के साथ पश्चिम बंगाल व ओडिशा के टैरिफ और उपभोक्ताओं को मिलनेवाली सुविधाओं का अवलोकन करने का सुझाव दिया.

सिक्योरिटी मनी कम करने की मांग

पश्चिमी सिंहभूम चेंबर के कमल लाठ ने कहा कि हमें एक क्रेन दिया जाये, ताकि रात में भी तार टूटने पर समय पर दुरुस्त हो जाये. पश्चिमी सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजकुमार ओझा ने आयोग से गुहार लगायी कि सिक्योरिटी मनी को कम किया जाये. इसपर आयोग ने समाधान का आश्वासन दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >