Chaibasa News : नप की लापरवाही: शोभा की वस्तु बन गये शहर में बने दस सामुदायिक शौचालय

2.70 करोड़ बर्बाद , नौ शौचालयों में सुविधाएं नहीं, लटके ताले

चक्रधरपुर. चक्रधरपुर को खुले में शौचमुक्त करने के लिए साढ़े तीन किमी के दायरे में नगर परिषद की ओर से 2.70 करोड़ रुपये खर्च कर 10 आधुनिक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया. 10 शौचालयों में सात का निर्माण संजय नदी के किनारे किया गया. नदी किनारे बने शौचालयों को लोग पैसों का दुरुपयोग मान रहे हैं. 10 शौचालयों में से एकमात्र अनुमंडल अस्पताल के पास बना शौचालय का उपयोग हो रहा है. बाकी नौ सामुदायिक शौचालयों में कहीं ताला लटक रहा है, तो किसी में पानी की व्यवस्था नहीं है. इसमें किसी की पानी टंकी टूट गयी है, तो किसी में बिजली कनेक्शन नहीं है. शौचालय निर्माण में 2.70 करोड़ रुपये खर्च की गयी थी. माननीयों की ओर से सही स्थल का चयन नहीं होने से सरकार के पास रेवेन्यू नहीं आ रहा है.

चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय के शौचालय में गंदगी का अंबार

चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में सामुदायिक शौचालय निर्मित है. लेकिन इस शौचालय में गंदगी का अंबार है. पानी की व्यवस्था नहीं है. जिस स्थान पर शौचालय बनाया गया है, वहां अंचल कॉलोनी विद्यालय, प्रखंड संसाधन केंद्र व प्रखंड कार्यालय संचालित है. सैंकड़ों महिला-पुरुष रोजाना प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं. अधिकतर समय शौचालय बंद रहने से लोगों को खुले में लघुशंका करनी पड़ती है. शौच करने के लिए भटकना पड़ता है. प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंचे लोगों ने कहा कि कई बार शौचालय को संचालित करने वाली एजेंसी को समस्याओं से अवगत कराया गया है. लेकिन समाधान नहीं हुआ है. पिछले दो माह से शौचालय में पानी की समस्या है. मोटर खराब है. पानी की समुचित व्यवस्था नहीं रहने से सामुदायिक शौचालय शोभा की वस्तु बनी हुई है.

बिना जांच के नदी किनारे बना दिया सामुदायिक शौचालय

एक तरफ सरकार घर-घर में शौचालय का निर्माण कराना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ नदी किनारे अधिकतर सामुदायिक शौचालय का निर्माण करा दिया गया है. इसकी जरूरत नहीं थी. नदी किनारे शौचालय रहने से लोग वहां नहीं पहुंच पाते हैं.

दंदासाई में बना शौचालय ध्वस्त

2019 में संजय नदी में आयी भीषण बाढ़ के कारण दंदासाई नदी किनारे बना 27 लाख रुपये का सामुदायिक शौचालय ध्वस्त हो गया. इसके अलावा अन्य शौचालयों में बाढ़ का पानी घुस जाने से जाम हो गया. नगर परिषद की लापरवाही के कारण शौचालयों की साफ-सफाई नहीं करायी गयी. इस कारण कई शौचालय के दरवाजा, खिड़की, सिंटेक्स टंकी क्षतिग्रस्त हो गयी है.

कहां-कहां बने हैं सामुदायिक शौचालय

कुदलीबाड़ी श्मशान घाट, प्रखंड कार्यालय भवन के समीप, अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर, बलिया घाट पुरानी बस्ती, सीढ़ी घाट पुरानी बस्ती, मां पाउड़ी मंदिर पुरानी बस्ती, दंदासाई नदी घाट, स्लम बस्ती दंदासाई, बंगलाटांड़ व पंपरोड में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है, जो बेकार साबित हो रहे हैं.

एक शौचालय पर 27 लाख रुपये खर्च

एक सामुदायिक शौचालय पर करीब 27 लाख रुपये खर्च किये गये हैं. नदी किनारे बने शौचालय शोभा की वस्तु बनकर रह गये हैं. जहां जरूरत थी, वहां पर शौचालय नहीं बना. बस संचालित स्थल, बाजार, अनुमंडल कार्यालय, रेलवे स्टेशन, महाविद्यालय आदि जगहों पर सामुदायिक शौचालय बनाने की जरूरत है. शहर में शौचालय निर्माण पर 2.70 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं, जो बेकार साबित हो रहे हैं.

शौचालय में पानी नहीं रहने से लोगों को हो रही परेशानी : उमेश महतो

प्रखंड कार्यालय परिसर में दुकान संचालक उमेश महतो ने कहा कि शौचालय में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है. आये दिन शौचालय गंदगी से भरा पड़ा रहा है. सैंकड़ों लोग प्रखंड कार्यालय आते हैं. अधिकतर समय शौचालय में ताला लटका रहता है. शौच व लघुशंका करने के लिये लोगों को कई तरह की परेशानी होती है.

महिलाओं को होती है सबसे अधिक परेशानी : हिमांगी मोदक

हिमांगी मोदक ने कहा कि प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सामुदायिक शौचालय की स्थिति काफी दयनीय है. शौचालय में नगर परिषद पानी व सफाई व्यवस्था करे. ताकि लोग इसका उपयोग कर सकें. शौचालय में गंदगी व पानी व्यवस्था नहीं रहने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है.सामुदायिक शौचालय का उद्देश्य नहीं हो रहा पूरा : जगन्नाथ मोदकजगन्नाथ मोदक ने कहा कि नगर परिषद की ओर से जिस उद्देश्य से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है. वह पूरा नहीं हो रहा है. सामुदायिक शौचालय की देख-रेख सही से नहीं हो रही है. जो एजेंसी को शौचालय संचालित करने का जिम्मा दिया गया है. वह सही से जिम्मेवारी को नहीं निभा रही है.

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लेखक के बारे में

Author: ATUL PATHAK

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