बढ़ती आबादी के प्रति सचेत रहने की जरूरत है

टाटा डीएवी पब्लिक स्कूल नोवामुंडी में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया। शिक्षकों और छात्रों ने बढ़ती आबादी और परिवार नियोजन के महत्व पर चर्चा की।

प्रतिनिधि, नोवामुंडी

टाटा डीएवी पब्लिक स्कूल नोवामुंडी में शनिवार को विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की रूपरेखा सीसीए विभाग के द्वारा बनाई गई.इसमें शिक्षक देवेंद्र देव व जे . रमा ने योगदान दिया.प्रमुख वक्ता के तौर पर सचिन चंद्र साहू एवं देवेंद्र देव ने इस दिवस की महत्ता पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी.कक्षा 9 की आफिया परवीन ने कहा की जनसंख्या का नियंत्रण बहुत ही आवश्यक है.यह एक संसाधन है एवम इसका उपयोग सुनियोजित ढंग से किया जाना चाहिए. कार्यक्रम में वरिष्ठ संस्कृत शिक्षक सुरेश पंडा ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ती जनसंख्या, परिवार नियोजन, गरीबी, और लैंगिक समानता जैसे मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. इस दिवस की स्थापना 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा की गई थी.यह दिन हमें दुनिया के सामने आने वाली चुनौतियों, जैसे संसाधनों के सही उपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है.

यह आयोजन फाइव बिलियन डे से प्रेरित था, जो 11 जुलाई 1987 को मनाया गया था—वह दिन जब दुनिया की आबादी 5 अरब का आंकड़ा पार कर गई थी.इसका मुख्य लक्ष्य लोगों को परिवार नियोजन के महत्व, मातृ स्वास्थ्य और मानव अधिकारों के बारे में शिक्षित करना है.यह दिन केवल बढ़ती आबादी के आंकड़ों पर चर्चा करने का अवसर नहीं, बल्कि संसाधनों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले उसके प्रभाव को समझने का भी दिन है.मंच संचालन शिक्षक देवेंद्र देव ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं शांति पाठ गाकर किया गया.मौके पर सभी कर्मचारी एवं विभिन्न कक्षाओं के बच्चे उपस्थित थे.


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Author: Anil Ranjan

Published by: Priya Gupta

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