टोंटो प्रखंड की सिरिंगसिया पंचायत अंतर्गत कुदाहातू गांव में जंगली हाथियों का उत्पाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार की बीती रात हाथियों के एक झुंड ने ग्रामीण सुरसिंह गोप के घर को निशाना बनाया. हाथियों ने न सिर्फ घर की दीवारें तोड़ दीं, बल्कि अंदर रखा सारा धान और चावल भी चट कर गये. राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त परिवार के सभी सदस्य गांव के ही दूसरे मकान में सो रहे थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. गौरतलब है कि सुरसिंह का घर हाथियों ने दूसरी बार तोड़ा है. करीब दो महीने पहले भी हाथियों ने उनके आशियाने को ढहा दिया था, जिसके मुआवजे के लिए वन विभाग को आवेदन दिया गया था. लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है. दोबारा हुए इस नुकसान से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है. कुदाहातू गांव में पिछले दो सप्ताह से रोजाना शाम ढलते ही हाथियों का झुंड भोजन की तलाश में आ धमकता है और सुबह होते ही पास के दुरुल्ला जंगल की ओर लौट जाता है. हाथियों के डर से ग्रामीण रात-रात भर जागने को मजबूर हैं, लेकिन पारंपरिक तरीकों से हाथियों को खदेड़ने में सफलता नहीं मिल रही है. हाल के दिनों में हाथियों ने दर्जन भर से अधिक घरों को नुकसान पहुंचाया है, मगर प्रशासनिक उदासीनता के कारण पीड़ित ग्रामीणों को अब तक मुआवजा राशि नसीब नहीं हो सकी है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है.
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