मनोहरपुर. पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल से घायल हाथी को वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार को रेस्क्यू कर लिया. गुजरात की वनतारा समेत चाईबासा, राउरकेला और क्योंझर की वेटनरी टीम हाथी के इलाज में जुट गयी है. ओडिशा वाइल्ड लाइफ की रैपिड रिस्पांस टीम भी मौके पर मौजूद थी. मौके पर आरसीसीएफ स्मिता पंकज, डीएफओ (सारंडा) अभिरूप सिन्हा, वन क्षेत्र पदाधिकारी रामानंदन राम, शंकर भगत, परमानंद रजक समेत वनरक्षी और वनपाल मौजूद थे.
सुबह में लोकेशन से गायब हो गया था हाथी:
शुक्रवार को हाथी जिस स्थान पर देखा गया था, शनिवार सुबह में उस स्थान पर नहीं मिला. कड़ी मशक्कत के बाद ड्रोन की मदद हाथी की खोजबीन की गई. इसके बाद ग्रामीणों की टीम बनाकर उसे नाला पार से सुरक्षित स्थान पर लाया गया. शाम 6:30 बजे उसे बेहोश करने में टीम को सफलता हाथ लगी. इसके बाद हाथी का प्राथमिक इलाज शुरू किया गया. चिकित्सकों ने उसके बाएं पैर के जख्म को साफ किया.हाथी के इलाज में जितना समय लगेगा, हम करेंगे :
डॉ तेनजिंग वनतारा आश्रय स्थल के चिकित्सक डॉ तेनजिंग ने बताया कि वे अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे हैं. हाथी के इलाज में जितना समय लगेगा, वो करेंगे.हाथी को ओडिशा के चंद्रका वन अभ्यारण्य भेजा जा सकता है : स्मिता रंजन :
आरसीसीएफ स्मिता पंकज ने बताया कि काफी मेहनत के बाद हाथी को रेस्क्यू करने में सफलता हाथ लगी है. हाथी के पिछले बाएं पैर में गंभीर चोट लगी है. उसका इलाज शुरू किया गया है. उन्होंने बताया कि हाथी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए ओडिशा के चंद्रका वन अभ्यारण्य भेजा जा सकता है.हाथी को दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए कई गाड़ियां मंगायी गयीं
हाथी की स्थिति को देखते हुए उसका संपूर्ण इलाज जंगल में संभव नहीं था. इसे देखते हुए विभाग द्वारा कई गाड़ियां मंगायी गयी. इसमें 2 हाइड्रा, 1 जेसीबी, 1 हाइवा और अन्य वाहन शामिल थे. प्राथमिक इलाज के बाद हाथी को बेहतर इलाज के लिए दूसरे स्थान में शिफ्ट किया जायेगा.
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