जहां कभी गूंजती थीं गोलियों की आवाज, वहां पहली बार लहराया तिरंगा

नक्सल प्रभावित संगाजाटा में दशकों बाद पहली बार ध्वजारोहण किया गया. पुलिस अधिकारी ने तिरंगा फहराकर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का संदेश दिया.

गोइलकेरा : जिस गांव की पहचान कभी नक्सल गतिविधियों के कारण होती थी, वहां अब बदलाव की नई तस्वीर दिखाई दे रही है. दशकों तक नक्सलियों के प्रभाव में रहे संगाजाटा में पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया गया. इस ऐतिहासिक पल के गवाह ग्रामीण भी बने. खास बात यह रही कि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी खुद गांव पहुंचे और ध्वजारोहण कर लोगों के बीच विश्वास का संदेश दिया.

नक्सल मुक्त होने के बाद पहली बार पहुंचे वरीय पुलिस अधिकारी

संगाजाटा के नक्सल मुक्त होने के बाद यह पहला अवसर था, जब किसी वरीय पुलिस अधिकारी ने गांव पहुंचकर ध्वजारोहण किया. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों के मन में वर्षों से बने भय को दूर करना और मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश देना था.

तिरंगे के साथ दिखी बदलाव की नई तस्वीर

स्वतंत्रता दिवस के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि अब क्षेत्र में शांति और विकास का नया दौर शुरू हो चुका है. लंबे समय तक भय और असुरक्षा के माहौल में रहने वाले लोगों के लिए यह पल किसी नई शुरुआत से कम नहीं था.


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By Sanjay pandey

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