प्रतिनिधि, चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी थाना अंतर्गत कलाइया गांव के कुदासाई टोला में डायन-बिसाही के अंधविश्वास ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया. पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने से गंभीर रूप से झुलसे किसान कोल्हान सिंकू (40) ने शुक्रवार शाम को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है. फरवरी 2026 में हुई घटना में सिंकू की छोटी पत्नी ज्योति सिंकू और एक वर्षीय मासूम बेटे की मौके पर मौत हो गयी थी.\
ग्रामीणों के बीमार पड़ने व मवेशियों की मौत के लिए डायन को कारण मानते थे आरोपी
मृतक की बड़ी पत्नी जानी सिंकू ने रोते हुए बताया कि गांव में कुछ लोगों की बीमारी और मवेशियों की मौत के बाद ग्रामीणों ने ज्योति पर डायन होने का झूठा आरोप लगाया था. आधी रात को गांव के रसिका बिरुवा अपने भाइयों और 8-9 अन्य लोगों के साथ घर में घुसा. पति ने हाथ जोड़कर पंचायत में फैसला करने की गुहार लगायी. इसके बावजूद आरोपियों ने पति, सौतन और गोद में सो रहे मासूम पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. जानी सिंकू उस वक्त दूसरे कमरे में थी. अपने तीन बच्चों की जान बचाने के लिए वहां से भाग निकली.
पैसे के अभाव में नहीं हो सका बेहतर इलाज, आरोपी जेल में
बड़ी पत्नी ने बताया कि आर्थिक तंगी और रुपयों के अभाव में वह अपने पति का सही तरीके से इलाज नहीं करा सकी, जिसके कारण आखिरकार उन्होंने भी दम तोड़ दिया. अब उसके सामने बच्चों के भरण-पोषण का पहाड़ जैसा संकट खड़ा हो गया है.इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की थी. घटना के बाद पांच ग्रामीणों ने थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि मुख्य आरोपी रसिका बिरुवा समेत अन्य सभी आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है.
