Chaibasa News : भाषाई शिक्षण को स्थानीय संदर्भों से जोड़कर प्रभावशाली बनाने पर जोर

चाईबासा. बीआरपी व सीआरपी का तीन दिवसीय प्रशिक्षण का समापन

चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम जिले में 23 से 25 जून तक श्रद्धानंद बालिका मध्य विद्यालय में बीआरपी व सीआरपी का प्रशिक्षण हुआ. पलाश बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है. बीआरपी और सीआरपी को बहुभाषी शिक्षण व शिक्षकों के सहयोग में अधिक सक्षम बनाना है.

प्रशिक्षण का आयोजन लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन ने किया.

प्रशिक्षकों ने जोर दिया कि किस प्रकार भाषा शिक्षण को स्थानीय संदर्भों से जोड़कर अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता है. प्रतिभागियों ने छोटे समूहों में चर्चा कर पाठ योजना और शिक्षक सहायता के व्यावहारिक पहलुओं को साझा किया. बीआरपी- सीआरपी महासंघ के अध्यक्ष सुब्रतचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि प्रशिक्षण हमारे लिए प्रेरक अनुभव रहा. शिक्षकों को और अधिक जिम्मेदार बनने की दिशा में प्रेरित किया. यह प्रशिक्षण जिले में बहुभाषी शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है.

कार्यशाला में राज्य टीम से निशा गुप्ता, जिला समन्वयक विवांशु कुमार, शैक्षणिक समन्वयक उषा कुमारी, पूजा कुमारी पान, कमल लोचन प्रमाणिक, दीपक सांडिल व अहसान आलम की उपस्थिति रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >