चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम में नक्सली गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लग चुका है और जिला अब नक्सल गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. यह बात एसपी अमित रेनू ने बुधवार को पुलिस कार्यालय सभागार में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान कही.
बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए. इस दौरान कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों के निष्पादन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई.
थानेदारों को जनता से बेहतर संवाद बनाने का निर्देश
एसपी ने कहा कि अब पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना भी उतना ही जरूरी है.
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत करने का निर्देश दिया. साथ ही जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर जोर दिया.
महिला प्रताड़ना और बाल शोषण के मामलों पर विशेष फोकस
अपराध समीक्षा के दौरान महिला प्रताड़ना, डायन प्रताड़ना और बाल शोषण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई. एसपी ने ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके.
लंबित मामलों के निष्पादन और गश्त बढ़ाने का निर्देश
एसपी ने थाना प्रभारियों को लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करने, फरार वारंटियों की गिरफ्तारी तेज करने और अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस को लोगों के बीच अपनी उपस्थिति बढ़ानी होगी.
