चाईबासा : क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ में दी PM आवास, MNREGA, कृषि व मत्स्य पालन योजना की जानकारी

चाईबासा समाहरणालय परिसर स्थित सभागार में कार्यक्रम का उद्घाटन पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल ने किया. उन्होंने जिला में संचालित केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. साथ ही कहा कि कृषि एवं मत्स्य पालन के क्षेत्र में चाईबासा में काफी सराहनीय कार्य हुए हैं.

Chaibasa News: सूचना प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) रांची ने पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला प्रशासन के सहयोग से क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया. इसमें पत्रकारों को पश्चिमी सिंहभूम जिला में चल रही पीएम आवास योजना, मनरेगा, कृषि व मत्स्य पालन से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी. इस दौरान इन योजनाओं पर प्रशासन की ओर से केस स्टडी के बारे में बताया गया. साथ ही लाभुकों से बातचीत का भी सत्र आयोजित हुआ.

उपायुक्त ने किया मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का उद्घाटन

मंगलवार को चाईबासा स्थित समाहरणालय परिसर स्थित सभागार में कार्यक्रम का उद्घाटन पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल ने किया. उन्होंने कहा कि जिला में संचालित केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. साथ ही कहा कि कृषि एवं मत्स्य पालन के क्षेत्र में चाईबासा में काफी सराहनीय कार्य हुए हैं.

बलबीर दत्त बोले- ग्रामीण पत्रकारिता को और मजबूत होना चाहिए

वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री बलबीर दत्त ने पूर्व एवं आज की मीडिया की तुलना की. उन्होंने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता को भारत जैसे कृषि प्रधान देश में और अधिक मजबूत होना चाहिए. वरिष्ठ पत्रकार चंदन मिश्र ने जिले में रिपोर्टिंग के दौरान होने वाली दिक्कतों पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिये. उन्हें बताया कि कैसे अंचल तथा जिला स्तर पर होने वाली पत्रकारिता भारत में असली खबरों का तथा विकास से जुड़ी खबरों का प्रथम स्तंभ है.

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वोटिंग में नयी तकनीक के समागम से क्रांति पर विशेष चर्चा

वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत झा ने वोटिंग में नयी तकनीक के समागम से हुई क्रांति पर विशेष चर्चा की. उन्होंने बताया कि कैसे किसी खबर के प्रति अपना नजरिया बदलने से ही हम उसे पॉजिटिव या निगेटिव स्टोरी में बदल सकते हैं. उन्होंने कहा कि विकास से जुड़ी योजनाओं का एक सतत दौर होता है. इसलिए हमें उससे जुड़े पॉजिटिव पक्ष को उजागर करने का प्रयास करना चाहिए.

मोटे अनाज के फायदे पर भी हुई चर्चा

चूंकि वर्ष 2023 को भारत सरकार विश्व मिलेट्स वर्ष के रूप में भी मना रही है, इसलिए मोटे अनाज से होने वाले फायदे पर भी कार्यशाला में चर्चा हुई. इस कार्यशाला में जिले के करीब 60 पत्रकारों ने हिस्सा लिया. इनमें से कई ने इस कार्यशाला की सार्थकता को सराहा और पीआईबी से ऐसे और आयोजन करने का आग्रह किया. धन्यवाद ज्ञापन पीआईबी रांची के कार्यालय प्रमुख ओंकार नाथ पांडेय ने किया. कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, डीपीओ, डीपीआरओ और बीडीओ सदर भी मौजूद रहे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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