Chaibasa News : परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाया हत्या का आरोप, एसपी से जांच की मांग

आदिवासी हॉस्टल में कैसे रह रहा था सामान्य छात्र, स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली सवाल

मनोहरपुर/आनंदपुर. रामटहल चौधरी पब्लिक स्कूल सह इंटर कॉलेज अपनी कार्यशैली की वजह से शुरू से ही विवादों में रहा है. कभी शिक्षा की गुणवत्ता, तो कभी निजी विद्यालय को मिलने वाली सरकार की मुफ्त सुविधा की लेकर. अब एक नया विवाद सामने आया है. इसमें सीधे तौर पर विद्यालय प्रबंधन कटघरे में खड़ा है. प्रबंधन के पास कोई माकूल जवाब नहीं है. यही वजह है कि स्कूल में छात्र की मौत के बाद लोग मांग कर रहे हैं कि विद्यालय प्रबंधन की भूमिका की जांच होनी चाहिए. सौरव के परिजनों ने इस बाबत थाने में जो आवेदन दिया है, उसमें स्कूल प्रबंधन पर हत्या करने का आरोप लगाया है.

आरटीसी स्कूल में छात्र की आत्महत्या मामले में ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीण मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. आनंदपुर के नारायण टोला निवासी सौरव विषय (14) के शव का पोस्टमार्टम रविवार को चक्रधरपुर में किया गया. दोपहर में शव घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई. नाते, रिश्तेदार, परिचित, पड़ोसी किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा है को सौरव आत्महत्या कर सकता है. विद्यालय में घटित आत्महत्या मामले में ग्रामीणों में काफी आक्रोश है. शवयात्रा में मनोहरपुर और आनंदपुर की पुलिस मौजूद रही.

विद्यालय प्रबंधन के अनर्गल बयानबाजी से नाराज हैं लोग

मृतक के पिता आरत भंजन विषय ने कहा कि घटना शाम 6 बजे के होने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन ने मुझे जानकारी देना जरूरी नहीं समझा. विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि सौरव कुछ दिनों से गुमसुम रहता था. उसका व्यवहार बदला लग रहा था, जबकि ऐसी कोई बात नहीं थी. प्रबंधन अपना बचाव करने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रहा है. बच्चे के व्यवहार में अगर बदलाव लगा, तो मुझे क्यों नहीं जानकारी दी गयी.

एसपी से उच्च स्तरीय जांच करने की मांग

मृतक छात्र के पिता राहुल विषय व आनंदपुर के ग्रामीणों ने मामले को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. रविवार को चाईबासा में एसपी से मिलकर घटना से अवगत कराया. परिजनों ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने का आरोप लगाया है. एसपी को दिए आवेदन में कहा गया है कि घटना की सूचना पुलिस ने रात 8 बजे के बाद दी. जब मैं पहुंचा तो शव को गाड़ी में रखा जा चुका था. आरत भंजन ने घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है.

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ सौरव के शव का पोस्टमार्टम

घटना के दूसरे दिन रविवार को चक्रधरपुर में मजिस्ट्रेट जितेन्द्र गुप्ता की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया. अब पीड़ित के परिजन और पूरे आनंदपुर और मनोहरपुर के लोगों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.

कल्याण विभाग के छात्रावास का व्यवसायीकरण

आरटीसी स्कूल प्रबंधन ने सरकार की सुविधा का भी गलत इस्तेमाल करते हुए इसे व्यवसायीकरण का रूप दे दिया. वर्तमान में उक्त छात्रावास में 107 बच्चे रहते हैं. इसमें आदिवासी समुदाय के बच्चे कम, सामान्य समुदाय के बच्चों की संख्या ज्यादा है. जबकि प्रखंड कल्याण पदाधिकारी राजेंद्र बाड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अनुसूचित जनजाति छात्रावास में सिर्फ आदिवासी बच्चों को ही रखा जाना है. विद्यालय द्वारा सामान्य बच्चों को यहां कैसे रखा गया, इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी. मजे की बात है कि इस छात्रावास में रहने वाले बच्चों से 2500 रुपया लिये जाते हैं. विद्यालय प्रबंधन की दलील है कि यह पैसा फूडिंग के लिए ली जाती है. बच्चों के लिए किसी प्रकार के मेन्यू की व्यवस्था नहीं है. बच्चों से खेत में काम करा कर जो सब्जियां उपजती हैं, वही परोसा जाता है. अभिभावकों की माने तो सभी फीस ऑफलाइन लिए जाते हैं. इससे विद्यालय द्वारा राजस्व की चोरी की बात से इनकार नहीं किया जा सकता.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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