प्रतिनिधि, चाईबासा
जिला प्रशासन व समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में प्रोजेक्ट बचपन-भविष्य की राहें’ के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला सह समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएं समाज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. उनके माध्यम से ही मातृ व शिशु स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है. उन्होंने सेविकाओं से कुपोषण उन्मूलन और पारदर्शी क्रियान्वयन के साथ कार्य करने का आह्वान किया.
उत्कृष्ट कार्य करने वाली 80 सेविकाएं हुईं सम्मानित
बाल विकास, पोषण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (बीएलओ कार्य) में 100% लक्ष्य हासिल करने वाली 80 आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, केंद्र भवन निर्माण, पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण, पोषण ट्रैकर और समर अभियान की बिंदुवार समीक्षा की गयी. डीसी ने अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का कड़ा निर्देश दिया. बैठक में सभी सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाएं, पेयजल व विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
