फाइनेंस कंपनी के लोन के बोझ तले दबे युवक ने लगा ली फांसी

कसमार थाना क्षेत्र के खैराचातर पंचायत की घटना, मृतक की पत्नी का आरोप : किस्त नहीं चुका पाने के कारण कंपनी वाले कर रहे थे प्रताड़ित व परेशान

कसमार. एक निजी फाइनेंस कंपनी के लोन के बोझ से दबे युवक ने बुधवार को फांसी लगाकर अपनी इहलीला खत्म कर ली. घटना कसमार थाना क्षेत्र अंतर्गत खैराचातर पंचायत के बसरिया पूरबटांड़ परास बागान के पास घटित हुई है. शाम को कसमार पुलिस ने यहां पेड़ पर झूलता हुआ उसका शव बरामद किया है. मृतक की पहचान इसी थाना क्षेत्र के गर्री निवासी मोती लाल कपरदार के पुत्र सुमित राज उर्फ मनोज कपरदार (41 वर्ष ) के रूप में हुई है. सूचना पाकर परिजन घटनास्थल पहुंचे. मृतक की पत्नी अनिता देवी ने बताया कि सुमित खैराचातर में सपरिवार रहकर फर्नीचर कारपेंटर का काम करता था. बताया कि उसके पति ने बोकारो की एक निजी फाइनेंस कंपनी से 2.25 लाख रुपये लोन लिया था. बरसात में काम नहीं चलने के कारण वह फाइनेंस कंपनी को किस्त चुकता नहीं कर पा रहे थे. इसी बीच कुछ दिन पहले फाइनेंस कंपनी के लोगों ने घर आकर काफी प्रताड़ित और अपमानित किया था.

बताया कि पिछले माह की मासिक किस्त 10 हजार दो सौ रुपये नहीं चुका पाए थे. इस माह भी सात अगस्त को जब दूसरी किस्त नहीं चुका पाए, तो कंपनी के कर्मी ने फोन पर धमकी दी और किस्त नहीं चुकाने पर पति पत्नी दोनों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी. इससे उसका पति काफी चिंतित, परेशान और डरे-सहमे हुए थे. अनिता ने बताया कि सुबह वह शौच पर जाने की बात कहकर लिए घर से निकले थे. दोपहर को उसका फंदे से झूलता हुआ शव बरामद हुआ. अनिता ने कहा कि फाइनेंस कंपनी की प्रताड़ना से तंग आकर ही उसके पति ने पलास पेड़ की डाली में जाकर गमछे से झूल कर अपनी इहलीला समाप्त कर ली है. इधर, सूचना पाकर कसमार थाना के सहायक पुलिस निरीक्षक मो मोज्जमिल घटनास्थल पर पहुंचे तथा शव को कब्जे में लेकर खैराचातर एवं गर्री पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. हालांकि, मृतक के परिजन शव को उठाने नहीं दे रहे थे. उनकी मांग थी कि फाइनेंस कंपनी के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें न्याय मिले. बाद में पुलिस व प्रतिनिधियों के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका.

प्राथमिकी दर्ज

घटना के संबंध में मृतक के पिता मोती कपरदार एवं उनकी पत्नी अनीता देवी ने देर शाम को कसमार थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. उसमें आई फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड नामक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी पर लोन की किश्त चुकता नहीं करने पर मानसिक रूप से तंग, परेशान व बेज्जती करने का आरोप लगाया है कहा है कि कंपनी वालों की प्रताड़ना से तंग आकर ही मनोज उर्फ सुमित ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है.

मृतक के हैं दो छोटे-छोटे बच्चे

मृतक के दो छोटे-छोटे बच्चे (पांच साल का एक पुत्र व सात साल की एक पुत्री) है. पत्नी और उसकी मां के साथ-साथ बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. बच्चे बार बार अपने पिता को याद कर रो रहे थे. बच्चों के रोने का यह मार्मिक दृश्य देखकर अन्य लोगों के भी आंसू निकल पड़े. मां की हालत भी खराब थी. वह बार बार बोल रही थी कि उसे उसका बेटा वापस दिला दो. वह कंपनी वालो को भी कोस रही थी और कह रही थी कि बेटे की जान लेकर उसे तसल्ली मिल गयी. उसके पैसों की वसूली हो गयी.

बोले थाना प्रभारी

शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है. अगर इसके लिए फाइनेंस कंपनी वाले जिम्मेदार हैं तो उस पर कानूनी कारवाई की जायेगी.

भजनलाल महतो, थाना प्रभारी, कसमार

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