बोकारो: असफलता सफलता की सीढ़ी है. नाकामी से घबराने, हताश होने या निराशा में डूबने की बजाय इसे अपनी ताकत बनायें. हर बार की विफलता कुछ न कुछ सिखाती है. अधिक बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है. यह कहना है संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सर्विस परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 142 लाकर आईएएस के लिए चुने गये डीपीएस बोकारो के पूर्व छात्र शुभम कुमार महतो का. वर्ष 2015 बैच के पूर्व छात्र शुभम बुधवार को उक्त कामयाबी के बाद अपने विद्यालय पहुंचे. पुरानी यादें साझा कीं.
उन्होंने अपनी सफलता के पीछे के लंबे संघर्ष से बच्चों को रू-ब-रू कराया. अतिथि व्याख्यान कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को बताया : यूपीएससी में उन्होंने पहले भी सफलता पाई थी, लेकिन आईएएस नहीं मिल सका था. प्रत्यक्ष राष्ट्रसेवा के ध्येय से आईएएस बनना उनका सपना और उनकी जिद थी, जिसके लिए उन्होंने कभी हार न मानी. पहली बार की विफलता के बाद ब्रेक लेकर खूब मेहनत की, अध्ययन किया और चार बार के प्रयासों के बाद अंततः पांचवीं बार उन्होंने अपना मुकाम हासिल कर लिया.
स्वयं पर पूर्ण विश्वास व खुद के साथ ईमानदारी जरूरी है
बच्चों से कहा : चाहे वह यूपीएससी हो या कोई और परीक्षा, अपना एक लक्ष्य तय कर खुद पर भरोसा रखते हुए उसे पाने के लिए पूरी लगन और मेहनत से तैयारी करें. इस दिशा में स्वयं पर पूर्ण विश्वास व खुद के साथ ईमानदारी जरूरी है. जब आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास जारी रखेंगे, तो एक न एक दिन कामयाबी जरूर आपके कदम चूमेगी.
छात्र-छात्राओं ने सीनियर शुभम के साथ सवाल-जवाब किये. प्राचार्य डॉ. एएस गंगवार ने शुभम जैसे प्रतिभावान पूर्व विद्यार्थियों को आज के छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया.
