Bokaro News : पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं हो पाया हथिया पत्थर

Bokaro News : फुसरो शहर व पिछरी गांव से सटा हथिया पत्थर धाम पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं हो पाया है.

By JANAK SINGH CHOUDHARY | January 10, 2026 12:17 AM

फुसरो शहर व पिछरी गांव से सटा हथिया पत्थर धाम पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं हो पाया है. जनप्रतिनिधि इसका आश्वासन देते आये हैं. लेकिन आज तक स्थल का विकास नहीं हुआ है. श्री श्री हथिया बाबा धाम मेला समिति ने पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का आग्रह किया है. समिति की ओर से यहां हथिया पत्थर बाबा धाम के रूप में एक मंदिर का निर्माण करवाया गया है. बेरमो के पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल ने ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल से पूजा स्थल पर विवाह मंडप, पीसीसी सड़क व मंदिर के शेष भाग का निर्माण करवाया है. बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने विधायक मद से बलि स्थल की चहारदीवारी करायी और टाइल मार्बल लगवाया है. मालूम हो कि दशकों से हथिया पत्थर धाम लोगों की आस्था से जुड़ा है.

दशकों से मकर संक्रांति पर लगता है मेला

मालूम हो कि हथिया पत्थर में मेला दशकों से लग रहा है. हथिया पत्थर मेले की शुरुआत लगभग 62 वर्ष हुई थी. हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को लगने वाला यह मेला राज्य भर में चर्चित है. इस मेले में लाखों की भीड़ होती है. मकर स्नान के लिए सुबह से ही लोगों का जुटना शुरू हो जाता है.

पिकनिक मनाने के लिए भी जुटती है भीड़

हथिया पत्थर के आसपास में पिकनिक मनाने के लिए भी काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं. आसपास की हरियाली के साथ दामोदर नदी का कलकल बहती धारा लोगों को यहां खिच लाती है. आसपास का इलाका पत्थरों से भरा है. यदि यह क्षेत्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होता तो लोगों को सुविधाएं मिलती.

क्या कहते हैं मेला समिति के लोग

अर्जुन सिंह, अध्यक्ष ने कहा कि हमेशा जनप्रनिधियों से भरोसा मिलता रहा है कि इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा. इस क्षेत्र के विकसित होने से लोगों को रोजगार मिलता.

संजय मल्लाह, सचिव ने कहा कि अभी तक निराशा ही मिली है. लेकिन उम्मीद है कि यह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा. क्षेत्र के विकसित होने से यहां आने वाले लोगों को सुविधाएं मिलती. रोहित सिंह, कोषाध्यक्ष ने कहा कि हथिया पत्थर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से गांव के लोगों को रोजगार का अवसर मिलता. पर्यटकों की भी संख्या बढ़ती. पूरे साल लोग आकर मनोरंजन कर सकेंगे. गोपाल मल्लाह, सदस्य ने कहा कि हथिया पत्थर को विकसित करने का आग्रह जनप्रतिनिधियों से किया गया है. आश्वासन भी मिलता आया है. इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है.

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