चास नगर निगम के वार्ड छह अंतर्गत सोलागीडीह तालाब का जीर्णोद्धार कार्य साढ़े तीन साल में भी पूरा नहीं हुआ. वर्ष 2023 में 3.50 करोड़ रुपये की इस योजना का काम शुरू हुआ था. कुछ महीने बाद संबंधित एजेंसी ने किसी कारण से काम बंद कर दिया. एक साल बाद पुनः तालाब को सूखा कर कार्य शुरू हुआ. एक-दो घाट की मरम्मत हुई. मिट्टी के बहाव को रोकने के लिए पत्थर बिछाने का कार्य शुरू हुआ और फिर बारिश के पानी से तालाब भर गया. इसके बाद जीर्णोद्धार कार्य बंद हो गया. स्थानीय लोगों ने कई बार निगम कार्यालय में लिखित शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी. लोगों ने आरोप लगाया कि तालाब जीर्णोद्धार के नाम पर सरकारी राशि की बंदरबाट की जा रही है. लोग संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. बार-बार तालाब का पानी सूखने से दर्जनों कॉलोनियों के भूजल स्तर पर प्रभाव पड़ रहा है. अभी भी दो महीने के बाद माॅनसून आ जायेगा, इसलिए इस वर्ष भी कार्य पूरा होगा, इस पर संशय है.
पार्षद ने जांच के लिए निगम को लिखा पत्र
वार्ड 06 की पार्षद खतीबुन निशा ने मंगलवार को चास नगर निगम कार्यालय में आवेदन देकर जीर्णोद्धार कार्य का जांच की मांग की है. कहा कि जो भी कार्य हुआ है, उसमें भी गड़बड़ी की गयी है. मिट्टी कटिंग का कार्य भी पूरा नहीं हुआ. सबसे पहले तालाब के चारों ओर नाली निर्माण कार्य को पूर्ण किया जाये. यह तालाब चास जोधाडीह मोड़ की पहचान है, जल्द जीर्णोद्धार कार्य पूरा किया जाये. चास के मेयर भोलू पासवान ने कहा कि सोलागीडीह तालाब की समस्या की जानकारी है. इसके जीर्णोद्धार कार्य में छूटे सभी कार्यों को शीघ्र पूरा कराया जायेगा. पहले अधूरे नाली का काम शुरू कराया जायेगा. राशि की कमी के कारण कार्य अधूरा है.
