Bokaro News : प्रतिनिधि, फुसरो. फुसरो नप क्षेत्र अंतर्गत करगली बाजार स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में मंगलवार को खालसा पंथ का 328वां सृजन दिवस व बैसाखी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर आकर्षक ढंग से सजे गुरुद्वारे में मत्था टेकने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. शुरुआत गुरुद्वारा साहिब में रखे गये श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ हुई. इसके बाद विशेष दीवान सजाया गया. मौके पर रागी जत्थों ने गुरुवाणी और सबद गायन से संगत को निहाल कर दिया. इस दौरान ‘वाहो वाहो गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला’ गुरुवाणी कीर्तन से गुरुद्वारा गुंजायमान रहा.
जुल्म के खिलाफ लड़ना और मानवता की सेवा उद्देश्य :
गुरुद्वारा के ज्ञानी बाबा गुरमित सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि कैसे सन 1699 में दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में ‘पंज प्यारों’ को अमृत छका कर खालसा पंथ की नींव रखी थी. जुल्म के खिलाफ लड़ना और मानवता की सेवा उद्देश्य था. बैसाखी के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा परिसर में स्थित निशान साहिब का चोला (वस्त्र) पूरे विधि-विधान और ‘ बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ जयकारे के साथ बदला गया. इसके बाद लंगर में समाज के हर वर्ग के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण कर आपसी भाईचारे का संदेश दिया.
आयोजन में इनका रहा योगदान :
कार्यक्रम को सफल बनाने में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, करगली बाजार की प्रबंधकीय कमेटी के पदाधिकारियों और स्थानीय सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा. मौके पर करगली गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष लाल सिंह, सचिव लैना सिंह, देवेंद्र सिंह, जोगा सिंह, मुन्ना खालसा, बबलू सिंह, अरुण बंसल, पीयूष बंसल, लवप्रीत सिंह, बबली सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरमुख सिंह, जगतार सिंह, गार्मेज सिंह, बच्चन सिंह, जगतार सिंह, मंजित कौर, राज कौर, मंसो कौर, रंजीत कौर, तरसेम कौर, मिरो कौर, मीना कौर सहित पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडेय, विधायक प्रतिनिधि उत्तम सिंह, नगर के पूर्व उपाध्यक्ष छेदी नोनिया, जुगेश तिवारी, राजन साव, राजू दिगार, परवेज अख्तर, शरण सिंह राणा आदि लोग मौजूद थे.