बोकारो जिला के लिए एयरपोर्ट गहमागहमी का मुद्दा बना हुआ है. एयरपोर्ट से व्यवसायिक उड़ान कब शुरू होगी, इसका जवाब तलाशा जा रहा है. उड़ान संबंधित सवाल के जवाब में कभी केंद्र तो कभी राज्य सरकार की कमियों को जिम्मेदार बताया जा रहा है. धनबाद में एयरपोर्ट की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद बोकारो में एयरपोर्ट की लड़ाई सड़क पर आ गयी है. मुद्दे को लेकर राजनीति ने टेक ऑफ कर लिया है.
धरना शुरू, धरना की गिनती शुरू
शनिवार को बोकारो हवाई अड्डा बचाओ समिति के बैनर तले कांग्रेस नेता मंजूर अंसारी के नेतृत्व में एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया. 11 मई को भाजपा भी इस मुद्दे पर उपायुक्त कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन का घोषणा कर चुकी है. इधर, झामुमो 30 अप्रैल को बैठक कर जरूरत पड़ने पर दिल्ली जाकर धरना देने की बात कह रहा है. राष्ट्र भक्त समाज के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह समेत कई अन्य संगठन के लोगों ने भी एयरपोर्ट को लेकर बयान दिया है. वित्त मंत्री के ओएसडी रहे भाजपा नेता विवेक सिंह ने एक मई को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा से मुलाकात की. साथ ही ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के डायरेक्टर जनरल राजेश निर्वाण से भी मुलाकात कर यहां से उड़ान शुरू करने की दिशा में पहल करने की मांग की. इनके अलावा भी कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर उड़ान शुरू करने की मांग कर रहे हैं.
चार माह में उड़ान शुरू करने का था लक्ष्य, चार साल पेड़ काटने में लग गये
बोकारो एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 अगस्त 2018 को हुआ था. तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा, मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत राजनेताओं ने घोषणा की थी कि चार माह बाद 25 दिसंबर से उड़ान शुरू हो जायेगी. यह अलग बात है कि कुछ सप्ताह बाद ही पेड़ों की कटाई की समस्या सामने आयी. 1772 पेड़ों की कटाई का मामला अटका. शिलान्यास के बाद लगभग चार साल यानी सात जून 2022 में साफ हुआ कि इन पेड़ों को स्थानांतरित नहीं, बल्कि काटा जायेगा. इसके बाद फिर से समस्या आयी कि पेड़ों की कटाई कौन करेगा, वन प्रमंडल या बीएसएल. इस मामले को साफ होते-होते तीन माह का समय फिर बीता. इससे पहले कोरोना काल के कारण लगभग दो साल (2020 व 2021) तक काम ठप रहा. बोकारो एयरपोर्ट में चार दिसंबर 2023 को अग्निशमन का विशेष वाहन बोकारो पहुंचा. साथ ही विभाग की ओर से 16 अग्निशमन कर्मी को भी हरी झंडी दे दी गयी. हालांकि, उस समय भी विशेष एंबुलेंस की गैर-हाजिरी ने सुर्खियां बटोरी.
मिलती रही तारीख पर तारीख
जून 2023 में तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम की अध्यक्षता में बैठक हुई थी. तय किया गया था कि हर माह एयरपोर्ट के संबंध में समीक्षात्मक बैठक होगी, ताकि उड़ान संबंध में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके. पांच दिसंबर 2023 को पूर्व विधायक ने घोषणा की थी कि बोकारो विधायक नागरिक उड्यन मंत्रालय की ओर से 28 फरवरी तक उड़ान की तारीख मुकर्रर की गयी. आठ फरवरी 2024 को एएआइ-कोलकाता परिक्षेत्र की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर निवेदिता दूबे का बोकारो दौरा हुआ. इस दिन 31 मार्च 2024 तक उड़ान की उम्मीद जतायी गयी. हालांकि, यह तारीख संशय के साथ तय की गयी थी. इसके बाद से हर दो-चार महीना में मिलती रही है, तारीख पर तारीख, लेकिन उड़ान शुरू नहीं हुई.
पिछले सप्ताह हुई थी उच्च स्तरीय बैठक
पिछले सप्ताह जिला प्रशासन ने उच्च स्तरीय बैठक की थी. इसमें यह बात सामने आयी कि अभी कई काम अधूरे हैं. इसको लेकर फिर से नयी टाइमलाइन जारी की गयी. दुंदीबाग क्षेत्र में अतिक्रमण हटा कर 15 मई तक बैरिकेडिंग पूरा करने, पुलिस पीकेट निर्माण कराने व पूरे एयरपोर्ट क्षेत्र में 15 जून तक सीसीटीवी अधिष्ठापन का लक्ष्य निर्धारित किया गया. रनवे से 75 मीटर तक झाड़ियों की कटाई व ग्रेडिंग कार्य को फौरन पूरा करना है. सतनपुर पहाड़ी पर ऑब्स्ट्रक्शन लाइट लगाने की समय सीमा सात मई तय की गयी. इसके अलावा बम थ्रेट कंटिजेंसी प्लान, बीसीएएस सुरक्षा मंजूरी, डीजीसीए लाइसेंस, एएआइ व बीएसएल के बीच एमओयू नवीनीकरण तथा नक्शा संशोधन जैसे तकनीकी कार्यों को मई के अंत तक पूरा करने को कहा गया. दो मई को अतिक्रमण को लेकर दुंदीबाद में माइकिंग भी शुरू हुई.
