Bokaro News : उदय गिरि, फुसरो नगर. फुसरो विद्युत सब स्टेशन क्षेत्र में करीब 90 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन और सात से आठ हजार उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी महज पांच संविदा लाइनमैन के कंधों पर है. कम मैनपावर, जर्जर लाइन और सुरक्षा संसाधनों की कमी से क्षेत्र में बिजली संकट गहराता जा रहा है. खासकर आंधी और बारिश के दौरान फाल्ट बढ़ने से लोगों को घंटों अंधेरे में रहना पड़ता है. जानकारी के अनुसार फुसरो व पिछरी फीडर से बेरमो, चंद्रपुरा, पेटरवार और नावाडीह प्रखंड के कई गांवों तक बिजली आपूर्ति की जाती है. पिछरी फीडर में करीब 15 किलोमीटर तथा फुसरो फीडर में लगभग 17 किलोमीटर 11 केवीए लाइन है. इसके अलावा करीब 50 किलोमीटर 440 वोल्ट लाइन का नेटवर्क भी इन्हीं क्षेत्रों में फैला हुआ है. इतनी बड़ी व्यवस्था की देखरेख के लिए फुसरो फीडर में मात्र तीन और पिछरी फीडर में सिर्फ दो लाइनमैन कार्यरत हैं. जिसके कारण अक्सर फाल्ट ठीक करने में लंबा समय लग जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आधे से भी कम मैनपावर होने के कारण 11 केवीए और 440 वोल्ट लाइन में फाल्ट आने पर मरम्मत कार्य में काफी देरी होती है. कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहती है. स्थिति इतनी खराब है कि 440 वोल्ट लाइन में खराबी आने पर यदि विभाग समय पर मरम्मत नहीं करता, तो ग्रामीण खुद चंदा जुटाकर निजी मिस्त्रियों से काम कराने को मजबूर हैं.
बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे लाइनमैन :
बिजली मेंटेनेंस कार्य में लगे संविदा कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है. लाइनमैनों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं हैं. कई बार उन्हें बिना हेलमेट, सेफ्टी शू और सेफ्टी बेल्ट के बिजली खंभों पर चढ़कर काम करना पड़ता है. इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.वर्षों पुरानी हो चुकी है 11 केवीए लाइन :
फुसरो व पिछरी फीडर की 11 केवीए लाइनें वर्षों पुरानी और जर्जर हो चुकी है. तेज हवा और बारिश के दौरान अक्सर तारों में फाल्ट हो जाता है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित रहती है. उपभोक्ताओं ने विभाग से लाइनमैन की संख्या बढ़ाने, जर्जर तार बदलने और पर्याप्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है.क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में विद्युत विभाग के कनीय अभियंता केआर टुडू ने कहा कि विभाग में लाइनमैन और मैनपावर की कमी है. उपलब्ध कर्मियों से ही कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण परेशानी हो रही है. वहीं सहायक अभियंता तुलसीदास महतो से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.
