Bokaro News : प्रतिनिधि, दुगदा. दुगदा पूर्वी पंचायत स्थित राज्य सरकार के नवनिर्मित दुगदा पावर ग्रिड (सब स्टेशन) के मृत ठेका कर्मी के आश्रित को संविदा पर नियोजन एवं तीन लाख रुपया मुआवजा देने पर समझौता होने के बाद शव को उठाया गया. मालूम हो कि दुगदा पावर ग्रिड में कार्यरत सुरक्षा गार्ड लालदेव केवट की मौत हो जाने पर मृतक के परिजन एवं ग्रामीण उनके आश्रित को नियोजन एवं मुआवजे की मांग को लेकर शव को दुगदा सब स्टेशन के मुख्य द्वार पर रख कर धरना पर बैठे गये थे. मालूम हो कि लालदेव केवट दुगदा में सब स्टेशन में कार्यरत दिल्ली की फ्लोमर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लिए सुरक्षा गार्ड का काम करता था. वह गत 15 अप्रैल को बेहोशी की हालत में अपने कार्य स्थल दुगदा सब स्टेशन में पाया गया था. उसके माथे के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी थी. परिजनों ने तुरंत उसे बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया. पैसों के अभाव में यहां के चिकित्सकों ने उसे रिम्स रेफर कर दिया. परिजनों ने जब उक्त कंपनी पर घायल लालदेव केवट का बेहतर इलाज के लिए दबाव डाला तो 23 अप्रैल को रांची रिम्स से उसे फिर से बोकारो जनरल अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. समझौता वार्ता में दुगदा थाना प्रभारी मनीष कुमार, जिला परिषद सदस्य संतोष कुमार पांडेय, दुगदा पूर्वी मुखिया रीतलाल रजक, पूर्व मुखिया करली देवी, विकास केवट, सुधीर केवट, मनोहर केवट आदि लोग शामिल थे. परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार जमुनिया नदी में कर दिया.
Bokaro News : संविदा पर नियोजन व तीन लाख रुपया मुआवजा के समझौते के बाद उठा शव
सब स्टेशन में कार्य के दौरान मृत मिला था सुरक्षा गार्ड, इलाज के क्रम में हो गयी थी मौत
