झारखंड: तेनुघाट जेल में बंद कैदी कुलदीप सोरेन की इलाज के दौरान मौत, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम

बोकारो सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि सुबह जब कैदी को लेकर वाहन अस्पताल पहुंचा, तो उसकी मौत हो चुकी थी. बीएस सिटी थाना इंस्पेक्टर संजय कुमार को लिखित सूचना दे दी गई है. पोस्टमार्टम के बाद कैदी का शव परिजनों को सौंप दिया गया है.

बोकारो, रंजीत कुमार: तेनुघाट जेल में बंद विचाराधीन कैदी कुलदीप सोरेन की तेनुघाट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गयी. मृत कैदी कुलदीप सोरेन महुआटांड़ का रहने वाला था. हत्या के एक मामले में वह तेनुघाट जेल में बंद था. जेल में पदस्थापित सिपाही के अनुसार कैदी गिरने के कारण घायल हो गया था. जख्मी हालत में जेल से तेनुघाट अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कैदी की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बोकारो सदर अस्पताल रेफर कर दिया था. सदर अस्पताल पहुंचने के पहले ही उसने दम तोड़ दिया. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि सुबह जब कैदी को लेकर वाहन पहुंचा, तो उसकी मौत हो चुकी थी. इधर, बोकारो डीसी कुलदीप चौधरी ने मृत कैदी के पोस्टमार्टम को लेकर मेडिकल बोर्ड गठित की और मजिस्ट्रेट दिवाकर दुबे (चास सीओ) की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया.

कैदी का शव परिजनों को सौंपा

तेनुघाट जेल में बंद विचाराधीन कैदी कुलदीप सोरेन की तेनुघाट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत को लेकर बोकारोर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि सुबह जब कैदी को लेकर वाहन पहुंचा, तो उसकी मौत हो चुकी थी. बीएस सिटी थाना इंस्पेक्टर संजय कुमार को लिखित सूचना दे दी गई है. पोस्टमार्टम के बाद कैदी का शव परिजनों को सौंप दिया गया है. कैदी कहां से गिरा व कैसे गिरा. इस मामले को लेकर तेनुघाट जेल प्रबंधन ने चुप्पी साध रखी है.

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पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड गठित

मृत कैदी के पोस्टमार्टम को लेकर डीसी कुलदीप चौधरी ने एक मेडिकल बोर्ड गठित की. मजिस्ट्रेट दिवाकर दुबे (चास सीओ) की देखरेख में तीन चिकित्सकों की टीम ने कैदी का पोस्टमार्टम किया. पोस्टमार्टम टीम में डॉ रवि शेखर, डॉ अरविंद कुमार व डॉ श्वेता शामिल थे.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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