दुगदा. दुगदा के हरधोवा में लगभग तीन सौ वर्षों से वासंतिक दुर्गा पूजा हो रही है. इसकी शुरुआत तत्कालीन जमींदार शिवशंकर पांडेय द्वारा की गयी थी. अब उनके वंशजों द्वारा आठ पीढ़ियों से निरंतर पूजा जारी है. यहां पूजा में बलि भी दी जाती है. विजया दशमी के दिन प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम में हरधोवा समेत आसपास के कई गांवों के हजारों लोग शामिल होते हैं. प्रतिवर्ष की तरह रामनवमी के दिन जागरण व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. मंदिर के संरक्षक भोलानाथ पांडेय ने बताया कि सप्तमी, अष्टमी व नवमी को देवी को भोग लगाने के बाद आमिश व निरामिश महाप्रसाद का वितरण किया जाता है. इस वर्ष पूजा की व्यवस्था में महेश पांडेय, किनकरी पांडेय, अनंत पांडेय, प्रकाश पांडेय, सुबोध पांडेय, विनीत पांडेय, दीपक पांडेय, नलिनी कांत पांडेय, बिरंची पांडेय, प्रदीप पांडेय, सुसेन पांडेय लगे हैं.
हरधोवा गांव में 300 वर्षों से हो रही वासंतिक दुर्गा पूजा

हरधोवा गांव में 300 वर्षों से हो रही वासंतिक दुर्गा पूजा
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हरधोवा गांव में 300 वर्षों से हो रही वासंतिक दुर्गा पूजा