Bokaro News : आनंद मार्ग धर्म महासम्मेलन के दूसरे दिन हुए कई कार्यक्रम

Bokaro News : आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से आनंद नगर में चल रहे तीन दिवसीय आनंद मार्ग धर्म महासम्मेलन दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा.

बोकारो. आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से आनंद नगर में चल रहे तीन दिवसीय आनंद मार्ग धर्म महासम्मेलन दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा. शुरूआत प्रभात संगीत गायन व सामूहिक ध्यान से हुई. मार्ग गुरु प्रतिनिधि आचार्य विकासानंद अवधूत ने श्रीश्री आनंदमूर्ति के दर्शन पर आधारित आध्यात्मिक प्रवचन लोगों के बीच दिया. कहा कि प्राचीन काल में जब आदिमानव के मन में पहली बार पूजा-अर्चना की इच्छा जागृत हुई. वे अपने आराध्य के रूप में महाज्ञानी व बलवान पुरुषों को चुना. इससे पहले प्रकृति पूजक या भौतिक पूजक थे. जब मानसिक भूख पर्वतों, नदियों, वृक्षों, लताओं, वनों, समुद्रों, भोर व संध्या, गरज व बिजली जैसी प्राकृतिक शक्तियों की पूजा से संतुष्ट नहीं हुई. तब उन्होंने नायक पूजा के माध्यम से ईश्वर के चिंतन की. अपना पहला कदम बढ़ाया. कहा कि इसके बाद एक प्रकार का अवतारवाद सिद्धांत अस्तित्व में आया. इसमें अभिव्यक्ति के एक पहलू को पूर्ण ब्रह्मत्व प्रदान किया गया. यह प्रथा धर्म के नाम पर अपनायी गयी. बाद में कई पीढ़ियों तक समाज में प्रचलित रही. लेकिन मानव हृदय की आकांक्षाएं असीम हैं. अपने आंतरिक स्वरूप को जानने की इच्छा ने मानव को दार्शनिक मार्ग पर पहुंचा दिया. दार्शनिक शोध व चर्चा के परिणाम स्वरूप सोचने का तरीका धीरे-धीरे बदल गया. वे सोचने लगे कि इस एकात्मक उपासना के माध्यम से अनादि, अविभाज्य, परम आनंदमय आत्मा को कैसे प्राप्त किया जा सकता है. मौके पर विभिन्न स्थानों से आये दर्जनों आनंदमार्गी मौजूद थे.

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