बोकारो के इस स्कूल में क्यों खाली रह गई 370 बच्चों की थालियां? 126 दिनों बाद दुकान ने खींचे हाथ

बोकारो के एक स्कूल में 370 बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिल पाया, जिससे उन्हें भूखे घर लौटना पड़ा. पीएम पोषण योजना का फंड 126 दिनों से अटका है, जिसके कारण दुकानदारों ने राशन देना बंद कर दिया है. यह स्थिति बच्चों के पोषण पर गंभीर असर डाल सकती है.

बोकारो. जिले के कसमार प्रखंड स्थित हरनाद के पीएम श्री केएन प्लस टू उच्च विद्यालय में सोमवार को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) नहीं बनने से 370 बच्चों को बिना भोजन के ही घर लौटना पड़ा. अप्रैल 2026 से पीएम पोषण योजना की राशि नहीं मिलने के कारण विद्यालय प्रबंधन करीब 126 दिनों तक उधार राशन लेकर किसी तरह एमडीएम संचालित करता रहा, लेकिन बकाया राशि 2,84,799 रुपये पहुंचने के बाद दुकानदार ने आगे राशन देने से इनकार कर दिया. इसके कारण सोमवार को स्कूल में चूल्हा नहीं जला और बच्चों की थालियां खाली रह गयीं.

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विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं तक 370 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. रोज की तरह बच्चे सोमवार को भी भोजन की उम्मीद लेकर स्कूल पहुंचे थे, लेकिन मध्याह्न भोजन नहीं बनने की जानकारी मिलने पर उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा. भोजन के समय कई बच्चे थाली लेकर इधर-उधर घूमते रहे और बाद में बिना खाना खाये घर चले गये.

अप्रैल से नहीं मिली योजना की राशि

विद्यालय प्रबंधन द्वारा विभाग को भेजी गयी लिखित सूचना के अनुसार अप्रैल 2026 से पीएम पोषण योजना के मद में राशि का भुगतान नहीं हुआ है. 31 अगस्त तक विद्यालय ने उधार राशन लेकर 105 दिनों तक एमडीएम का संचालन किया. इसके बाद भी भुगतान नहीं होने से उधारी बढ़ती गयी और अब यह अवधि करीब 126 दिनों तक पहुंच गयी है.

दुकानदार ने आगे राशन देने से किया इनकार

एमडीएम प्रभारी नंदकिशोर नायक ने बताया कि दुकानदार का बकाया लगातार बढ़ रहा था और राशि 2.84 लाख रुपये से अधिक हो जाने के बाद उसने आगे राशन देने में असमर्थता जता दी. इसकी सूचना विभाग को पहले ही लिखित रूप से दे दी गयी थी. विभागीय स्तर से जल्द भुगतान का आश्वासन भी मिला था, लेकिन राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण अंततः मध्याह्न भोजन बंद करना पड़ा.

भुगतान की उम्मीद पूरी नहीं हुई

इस मामले में पूर्व में प्रखंड स्तर पर विभागीय अधिकारियों ने भुगतान प्रक्रिया जारी होने तथा 10 सितंबर तक राशि मिलने की संभावना जतायी थी. हालांकि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी विद्यालय को राशि प्राप्त नहीं हुई. इसके कारण एमडीएम संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.

व्यवस्था पर उठे सवाल

विद्यालय में एमडीएम बंद होने से बच्चों के पोषण और नियमित उपस्थिति पर भी असर पड़ने की आशंका जतायी जा रही है. ग्रामीणों और अभिभावकों ने बकाया राशि का तत्काल भुगतान कर मध्याह्न भोजन व्यवस्था बहाल करने की मांग की है. विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि राशि मिलते ही भोजन व्यवस्था फिर से शुरू कर दी जायेगी.

बच्चों की खाली थालियां सोमवार को उस स्थिति की तस्वीर बन गयीं, जहां सरकारी योजना का संचालन भी उधारी के सहारे चल रहा था. अब सभी की नजर विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई और बकाया भुगतान पर टिकी है.

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लेखक के बारे में

By दीपक सवाल

मैं दीपक सवाल, 1994 से प्रभात खबर से जुड़ा हूं। वर्ष 2011 से 2015 तक बोकारो कार्यालय में स्टॉफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत रह चुका हूं। 2015 से कसमार डेटलाइन से कार्यरत हूं। मेरा संपर्क नंबर : 9431145607

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