SAIL : सेल के कर्मचारियों का वेतन समझौता पांच या दस साल का, 24 दिसंबर को होगा तय

SAIL : बोकारो (सुनील तिवारी) : भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) के कर्मचारियों व अधिकारियों का वेतन समझौता एक जनवरी 2017 से लंबित है. यह समझौता पांच या दस साल का हो सकता है. इसको लेकर विवाद गहराता जा रहा है. एनजेसीएस व सेल प्रबंधन के बीच फिलहाल कोई समझौता नहीं हो सका है. वेतन समझौता पांच या दस साल का? इसपर निर्णय लेने के लिये नेशनल ज्वाइंट कमेटी फार स्टील इंडस्ट्री (एनजेसीएस) से जुड़े पांचों यूनियन एटक, इंटक, सीटू, एचएमएस व बीएमएस की वर्चुवल मीटिंग 24 दिसंबर को साढ़े तीन बजे से होगी. बैठक में पांचों यूनियन के तीन-तीन प्रतिनिधि शामिल होंगे.

SAIL : बोकारो (सुनील तिवारी) : भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) के कर्मचारियों व अधिकारियों का वेतन समझौता एक जनवरी 2017 से लंबित है. यह समझौता पांच या दस साल का हो सकता है. इसको लेकर विवाद गहराता जा रहा है. एनजेसीएस व सेल प्रबंधन के बीच फिलहाल कोई समझौता नहीं हो सका है. वेतन समझौता पांच या दस साल का? इसपर निर्णय लेने के लिये नेशनल ज्वाइंट कमेटी फार स्टील इंडस्ट्री (एनजेसीएस) से जुड़े पांचों यूनियन एटक, इंटक, सीटू, एचएमएस व बीएमएस की वर्चुवल मीटिंग 24 दिसंबर को साढ़े तीन बजे से होगी. बैठक में पांचों यूनियन के तीन-तीन प्रतिनिधि शामिल होंगे.

24 दिसंबर को होने वाली बैठक में एनजेसीएस सदस्य यूनियन के प्रतिनिधि आपसी सहमित पांच या दस साल के वेतन समझौता पर एक निर्णय लेंगे, जिससे सेल प्रबंधन पर दवाब बनाया जा सके. इधर, बोकारो इस्पात संयंत्र सहित सेल की हर इकाइयों के कर्मचारियों के वाट्सएप ग्रुप ‘स्टील पीएसयू पेपर न्यूज’ पर अपना दर्द बयां करना शुरू कर दिया है. पांच और दस साल के वेतन समझौता से होने वाले फायदे और नुकसान पर खुलकर बात भी कर रहे हैं. 17 दिसंबर को हुई एनजेसीएस की बैठक में बीएसएल सहित सेल के 56 हजार कर्मचारियों के वेतन समझौते पर बातचीत बेनतीजा रही थी.

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17 को हुई एनजेसीएस की बैठक में सेल चेयरमैन अनिल कुमार चौधरी ने 10 वर्ष का हीं वेज रिवीजन करने का प्रस्ताव दिया. यह भी कहा कि 01 जनवरी 2017 से एरियर नहीं दे सकते. इससे कंपनी घाटे में चली जायेगी. ग्रेच्युटी सीलिंग की बात फिर दोहराई. यूनियन नेताओं ने प्रबंधन के सारे प्रस्ताव खारिज कर दिये. कहा : प्रबंधन क्या देना चाहता है? अपना मसौदा पेश करे, ताकि उस पर चर्चा की जा सके. लेकिन, प्रबंधन ने एमजीबी का भी कोई प्रस्ताव नहीं दिया. यूनियन नेताओं ने भी साफ कहा : 01 जनवरी 2017 से हीं एरियर चाहिए. इससे पहले भी ऐसे वेज रिवीजन हुए है, जिसमें एरियर दो किस्तों में दिया गया है.

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बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (एटक) के महासचिव व एनजेसीएस सदस्य रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि 24 दिसंबर को पांचों यूनियन पांच या दस साल पर आपसी सहमति बनायेंगे. अगली बैठक में निर्णय को यूनियनों की ओर से रखा जायेगा. इसके बाद भी सेल प्रबंधन ने टालमटोल किया तो पूरे बीएसएल सहित सेल में उग्र आंदोलन होगा. प्रबंधन के आगे झुकेंगे नहीं. कर्मचारी हितों की बात प्रबंधन को मानना होगा.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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