सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) कर्मियों द्वारा रिटायरमेंट के बाद कंपनी का क्वार्टर खाली नहीं करने पर प्रबंधन उनकी ग्रेच्युटी रोक सकता है. साथ ही इससे दंडात्मक किराया (पैनल रेंट) समायोजित कर सकता है. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला दिया है. झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पंकज मित्तल और एसवीएन भट्टी की पीठ ने सेल की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि कंपनी के ग्रेच्युटी नियम 1978 के तहत प्रबंधन को यह अधिकार है कि वह नियमों का पालन नहीं होने पर ग्रेच्युटी रोके.
यह विवाद बीएसएल के उन पूर्व कर्मियों से जुड़ा था, जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद भी क्वार्टर खाली नहीं किया. कर्मियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ग्रेच्युटी व उस पर ब्याज की मांग की. हाईकोर्ट ने ग्रेच्युटी देने व केवल सामान्य किराया वसूलने का निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि कर्मी निर्धारित समय के बाद भी क्वार्टर में रहता है, तो दंडात्मक किराया लगना स्वाभाविक है. क्वार्टर खाली किये बिना ग्रेच्युटी पर ब्याज देना अवैध है और इससे कब्जे को बढ़ावा मिलेगा. ग्रेच्युटी का भुगतान और क्वार्टर का खाली होना साथ-साथ होना चाहिए. कर्मी या उनके कानूनी वारिसों को चार सप्ताह के भीतर क्वार्टर खाली करना होगा.Bokaro News : क्वार्टर खाली नहीं करने पर ग्रेच्युटी रोक सकता है सेल प्रबंधन
Bokaro News : सेल कर्मियों द्वारा रिटायरमेंट के बाद कंपनी का क्वार्टर खाली नहीं करने पर प्रबंधन उनकी ग्रेच्युटी रोक सकता है.
