इस्पात मजदूर मोर्चा-सीटू और एडवा की ओर से रविवार को नया मोड़-बिरसा चौक में केंद्र सरकार का पुतला दहन किया गया. सीटू के महामंत्री आरके गोरांई ने कहा कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस घरेलू व व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में की गयी भारी वृद्धि की कड़ी निंदा करता है. इसे तत्काल वापस लिया जाये. सरकार वैश्विक तनाव और युद्ध के बहाने लोगों पर बोझ डालना चाहती है. एडवा की कंचन ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के अपने ऊंचे दावों के बावजूद सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कामकाजी महिला दिवस के अवसर पर ही महिलाओं को रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का उपहार दिया है. सरिता ने कहा कि 2014 में जब भाजपा सत्ता में आयी थी, तब घरेलू सिलेंडर की कीमत करीब 410 रुपये थी. एक दशक में यह दोगुनी से अधिक हो गयी है. यूनियन के कोषाध्यक्ष देव कुमार ने कहा कि व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमतों में भी 114.50 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी की गयी है. एडवा नेत्री मीना ने कहा कि देश के कामकाजी लोगों को ऐसे अवसरवादी हथकंडों से धोखा नहीं खाना चाहिए. कार्यक्रम की अध्यक्षता आरएन सिंह ने की. मनोज शंकर, खुशावती, राज कुमार, आरकेपी वर्मा ने भी संबोधित किया.
Bokaro News : एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध
Bokaro News : घरेलू व व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में की गयी भारी वृद्धि का विरोध किया गया.
