Bokaro News : रिटायर्ड बीएसएल अधिकारियों ने बतायीं समस्याएं

Bokaro News : प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में रिटायर्ड बीएसएल अधिकारियों ने समस्याएं बतायीं.

बीएसएल से रिटायर्ड अधिकारियों का कहना है कि बोकारो जेनरल अस्पताल (बीजीएच) में अभी कुछ डाॅक्टर अस्पताल में उपलब्ध दवाएं नहीं लिखते हैं. उन्हें किसी खास दुकान से दवा को लेने को कहा जाता है. पर्ची में जो लिखावट होती है, उसे संबंधित दुकान वाला ही पढ़ सकता है. इसके कारण उसी दुकान से दवा लेना पड़ता है. पुस्तकालय मैदान-सेक्टर पांच में मंगलवार को आयोजित प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में रिटायर्ड अधिकारियों ने यह बात कही. कहा कि रूम नंबर चार में बैठने वाले डॉक्टरों का शिड्यूल इस तरह बनाया जाना चाहिए कि प्रत्येक सप्ताह सभी डॉक्टर दो दिन उस कमरे में बैठ सके. जिसने किसी डॉक्टर को दिखाने का अपॉइंटमेंट लिया है और उस निर्धारित दिन संबंधित व्यक्ति बीजीएच जाता है तो उस दिन उसे यह कह दिया जाता है कि वह डॉक्टर आज नहीं बैठेंगे, क्योंकि वे छुट्टी में या मीटिंग में हैं. इस स्थिति में वैकल्पिक इंतजाम अवश्य किया जाना चाहिए. अभी फिर से अपॉइंटमेंट लेने की जरूरत पड़ती है.

हेल्थ सेंटरों को प्रतिदिन चलाना जरूरी, बीजीएच में भीड़ नहीं होगी

चीरा चास के बीके बिपिन ने कहा कि जब बीएसएल को डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए रिटायर्ड अनुभवी व विशेषज्ञ डॉक्टर्स को रखना ही होता है तो उन्हें यूनिट हेड व अन्य जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. इससे कई समस्याओं का निदान संभव हो सकेगा. सेक्टर-वन के एसके सिंह ने कहा कि सभी हेल्थ सेंटरों को प्रतिदिन चलाना जरूरी है, इससे बीजीएच के ओपीडी में भीड़ नहीं होगी. बीजीएच आने-जाने का खर्च और समय बचेगा. सेक्टर पांच के अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि कोरोना कब का खत्म हो चुका है, पर कई डॉक्टर अभी भी मरीजों को काफी दूरी पर बैठाते हैं. आला लगाकर मरीज की जांच तो लगभग समाप्त हो गयी है. सेक्टर छह के बीएमपी सिन्हा ने कहा कि वार्डों में अभी भी बेड के नीचे पैन या बाल्टी की सुविधा बंद है, जो कोरोना काल में बंद की गयी थी. पारा मेडिकल स्टाफ की कमी दूर होना चाहिए.

पुस्तकालय मैदान का मेन गेट बंद व सिक्योरिटी गार्ड रखने की मांग

चीरा चास के अनिल कुमार सिंह व डॉ वेंकटेश शर्मा ने कहा कि पुस्तकालय मैदान में कार और बाइक चलाना सीखने वालों के कारण काफी धूल उड़ती है. इससे वाॅकिंग के समय सुबह और शाम परेशानी होती है. बच्चे दुर्घटना की आशंका डरे रहते हैं. इसके लिए करोड़ों की लागत से बने इस मैदान का मेन गेट बंद रहना चाहिए. सिक्योरिटी गार्ड रखना चाहिए. पुस्तकालय मैदान में सुबह-सुबह बीएसएल से रिटायर दर्जनों अधिकारी टहलने के लिए पहुंचते हैं.

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By Janak singh choudhary

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