नये निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी सेंटर व अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने की सोच रहे हैं, तो पहले फायर विभाग से एनओसी लेना होगा. बिना एनओसी के स्वास्थ्य संस्थान खोलना मुश्किल होगा. खोलने पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा. क्लिनिकल एस्टब्लिसमेंट एक्ट को प्रभावी बनाने के लिए यह शुरू किया गया है.
फायर विभाग से जिन्होंने ऑफलाइन एनओसी हासिल कर लिया है. उन्हें भी ऑनलाइन एनओसी जरूरत पड़ने पर विभाग को दिखाना होगा. तभी एक्ट के दायरे में स्वास्थ्य संस्थान को माना जायेगा.
बोकारो जिला में 127 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम, 64 अल्ट्रासांउड जांच घर व 55 पैथोलॉजी सेंटर चल रहा है. कई बार औचक निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी विभाग ने दर्जनों संस्थानों को ऑनलाइन एनओसी नहीं होने पर नोटिस भेजा था.
ऑफलाइन होने के बाद भी ऑनलाइन एनओसी लेने की बात कही थी. इसके बाद सभी संस्थान संचालक ऑनलाइन एनओसी लेने के लिए लग गए है. ऑनलाइन एनओसी में परेशानी होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने संस्थान संचालकों व फायर विभाग की संयुक्त बैठक करायी थी. अब सीएस की टीम निरीक्षण की तैयारी कर रही है. वहीं, सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने कहा क्लिनिकल एस्टब्लिसमेंट एक्ट का पालन हर किसी को करना होगा. एक्ट के तहत आनेवाले सभी मापदंड को पूरा करने के बाद ही संस्थान को निबंधन मिलेगा.
