पीएन सिंह का दावा- कभी नहीं हारा चुनाव, तीन बार विधायक और तीन बार बना सांसद

जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव करीब आ रहा है, हर दल के नए और पुराने सभी नेता सक्रिय हो गए हैं. कहीं कैंडिडेट के नाम पर, तो कहीं पार्टी को लेकर राजनीतिक गपशप शुरू हो गई है. झारखंड का धनबाद सीट हर लोकसभा चुनाव में हॉट सीट रहा है

बोकारो, मुकेश झा : अपने राजनीतिक की शुरुआत से अब तक मैंने कभी पराजय का मुंह नहीं देखा. तीन बार विधायक और तीन बार से सांसद हूं. पूरे झारखंड में, किसी भी राजनीतिक दल में, इतनी बार विधायक और सांसद का चुनाव जीतने वाला कोई दूसरा राजनेता नहीं है. व्यक्तिगत रूप से मुझे अपनी इस उपलब्धि पर गर्व है. मैं अजेय योद्धा की तरह हूं और अजेय योद्धा की तरह जिंदगी व्यतीत करना चाहता हूं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने रविवार (29 अक्टूबर) को ये बातें कहीं. सांसद पीएन सिंह ने बोकारो के सेक्टर-4 स्थित मजदूर मैदान में काली पूजा के लिए आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कहीं. पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या इस बार वह फिर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, तो जवाब में पीएन सिंह ने ये बातें कहीं. पीएन सिंह ने साथ ही यह भी कहा कि पार्टी कहेगी चुनाव लड़ो, तो मैं फिर से चुनाव लड़ जाऊंगा. टिकट देने का फैसला सिर्फ पार्टी करती है. पीएन सिंह ने पत्रकारों के सामने ये दावा तो कर दिया कि वे कभी चुनाव नहीं हारे, लेकिन सच यह है कि एक बार वह पार्षद का चुनाव हार चुके हैं. झरिया से विधानसभा के चुनाव में भी पीएन सिंह को एक बार हार का मुंह देखना पड़ा था.

हर लोकसभा चुनाव में हॉट सीट रहा है धनबाद

बहरहाल, जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव करीब आ रहा है, हर दल के नए और पुराने सभी नेता सक्रिय हो गए हैं. कहीं कैंडिडेट के नाम पर, तो कहीं पार्टी को लेकर राजनीतिक गपशप शुरू हो गई है. झारखंड का धनबाद सीट हर लोकसभा चुनाव में हॉट सीट रहा है, क्योंकि इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला होता है. इस बार भी दोनों पार्टियों ने धनबाद में अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर ली है. दूसरी ओर, जमीनी स्तर पर लोगों के बीच दोनों राजनीतिक पार्टियों के कैंडिडेट को लेकर भी चर्चा तेज है.

कांग्रेस ने उतारा था पैराशूट कैंडिडेट

कांग्रेस पार्टी ने पिछली बार यानी वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पाराशूट कैंडिडेट कीर्ति आजाद को मैदान में उतारा था. चुनाव हारने के बाद धनबाद में कभी कीर्ति आजाद के पैर नहीं पड़े. देखना दिलचस्प होगा कि इस बार कांग्रेस किसको टिकट देगी. उधर, चर्चा है कि लगातार तीन बार लोकसभा का चुनाव जीत रहे बीजेपी के पीएन सिंह की उम्र को देखते हुए पार्टी उनका टिकट काट सकती है. चर्चा है कि इस बार बीजेपी किसी नए चेहरे को मौका दे सकती है.

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लोकसभा चुनाव में धनबाद से किसको उतारेगी बीजेपी?

इस बीच, सरयू राय जैसे दिग्गज नेता का धनबाद आना-जाना हाल के दिनों में काफी बढ़ गया है. ऐसे में चर्चा यह भी चल रही है कि सरयू राय यहां से चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि, सरयू राय यह कह चुके हैं कि उनकी कोई मंशा नहीं है कि वह धनबाद से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे. चर्चा यह भी है कि विधायक राज श्रीवास्तव या बिरंची नारायण को भी टिकट दे सकती है. कयासों का बाजार गर्म है. चुनाव में भी अभी कुछ महीने बाकी हैं. राजनीतिक गलियारों में जो चर्चा चल रही है, उसके मुताबिक, धनबाद में इस बार कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवार बदलेंगे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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