Bokaro News : उउवि, अराजू में छह विषय पढ़ाते हैं सिर्फ दो शिक्षक

Bokaro News : 174 बच्चे हैं नामांकित और गणित, हिंदी, विज्ञान, अंग्रेजी व संस्कृत के शिक्षक नहीं

Bokaro News : विप्लव, जैनामोड़.

बोकारो जिले के सुदूरवर्ती गांव के जरीडीह प्रखंड के अराजू गांव के बाहर स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में महज दो शिक्षकों के भरोसे नवमी व दसवीं की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. यहां करीब 174 छात्र-छात्राएं नामंकित हैं, लेकिन दो शिक्षक खोरठा और सोशल साइंस के ही विद्यालय में मौजूद हैं. स्कूल में गणित, हिंदी, विज्ञान, इंग्लिश व संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. स्कूल के आठ कमरों में से सिर्फ दो कमरे में कक्षाएं संचालित की जाती हैं.

बच्चे ट्यूशन पर निर्भर :

गांव के समाजसेवी निताई साव,चीकू मेहता व मंसूर अंसारी आदि का कहना है कि स्कूल में शिक्षक के नहीं रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है. नामांकन के बाद बच्चे ट्यूशन पर ही निर्भर रहते हैं. सरकारी विद्यालयों की दशा देखकर ऐसा महसूस होता है कि यहां की व्यवस्था कभी सुधरने वाली नहीं है. अभिभावकों ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण गरीब वर्ग के बच्चों को काफी मुश्किल होती है. उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में शिक्षकों की पोस्टिंग वर्षों से नहीं हुई है. ऐसे में गरीब व निर्धन परिवार के छात्रों की पढ़ाई कैसे पूरी होगी.

मानक के हिसाब से 30 छात्रों पर होना चाहिए एक शिक्षक :

सरकार के नियमों के अनुसार 30 छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए एक शिक्षक अनिवार्य है, लेकिन 174 छात्रों को पढ़ने के लिए दो शिक्षकों की पोस्टिंग है. इसमें एक शिक्षिका अनिता कुमारी प्रभारी हैं. प्रभारी को ऑफिस के कार्य भी देखना होता है. कई बार विद्यालय के कार्य के लिये विभिन्न स्थानों पर बैठक में भाग लेने के लिए जाना पड़ता है. विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर कई बार गांव के समाजसेवी चीकू मेहता ने शिक्षा विभाग से पत्राचार किया है, लेकिन अभी तक विभाग ने इस पर गंभीरतापूर्वक विचार नहीं किया गया है.

विद्यालय में बाउंड्री नहीं :

विद्यालय में अभी तक चहारदीवारी नहीं की गयी है. शिक्षक और अभिभावक दोनों ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं. वहीं बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं हैं.

ठोक दिया मीटर, बिजली कनेक्शन नहीं :

विद्यालय के भवन के आसपास न तो बिजली का खंभा है ओर ना ही विद्यालय में बिजली का कनेक्शन हुआ. इसके बावजूद बिजली मीटर लगा कर विभाग ने स्कूल से कनेक्शन चार्ज ले लिया है. बिजली नहीं रहने से स्कूल के शिक्षक भी परेशान हैं. शिक्षक का कहना है कि कनेक्शन लिया गया है, लेकिन अभी तक स्कूल में कनेक्शन जोड़ा नहीं गया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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