किताबों में पढ़ी ओडिशा की ऐतिहासिक विरासत और वैज्ञानिक उपलब्धियों को कसमार के विद्यार्थियों ने करीब से देखा और समझा. 21 से 25 अगस्त तक आयोजित अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान पीएम श्री एसएस प्लस टू उच्च विद्यालय, कसमार के विद्यार्थियों ने ओडिशा की ऐतिहासिक, वैज्ञानिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता को अनुभव किया. भ्रमण का आयोजन सुभद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट एवं झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.
धौलीगिरि से चंद्रभागा समुद्र तट तक पहुंचे विद्यार्थी
भ्रमण दल में विद्यालय के 25 छात्र-छात्राओं के साथ एस्कॉर्ट शिक्षक परमेश्वर बेसरा और तुलसी कपरदार शामिल रहे. विद्यार्थियों ने धौलीगिरि स्थित शांति स्तूप, नंदन कानन जैविक उद्यान, साइंस सिटी, कोणार्क मंदिर और चंद्रभागा समुद्र तट समेत कई महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया.
पुस्तकीय ज्ञान को प्रयोगात्मक अनुभव से जोड़ा
साइंस सिटी में विद्यार्थियों ने विज्ञान से जुड़े विभिन्न मॉडलों और गतिविधियों को देखा तथा उनकी कार्यप्रणाली को समझा. फिजियोथेरेपी, बॉटनी और जूलॉजी लैब के भ्रमण से विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़े विषयों को प्रयोगात्मक अनुभव से जोड़ने का अवसर मिला.
वहीं, कोणार्क मंदिर की स्थापत्य कला, धौलीगिरि की ऐतिहासिक स्मृतियों और चंद्रभागा के समुद्री परिवेश ने विद्यार्थियों को ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से परिचित कराया.
ज्ञान और सांस्कृतिक समझ का मिला अवसर
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, अनुभव और सांस्कृतिक समझ का अनूठा संगम रहा. भ्रमण के सफल संचालन में सुभद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट की जिला समन्वयक शमीना खातून की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
भ्रमण के समापन पर प्राचार्य फारुक अंसारी, नोडल शिक्षक डॉ अवनीश कुमार झा समेत शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जिला शिक्षा पदाधिकारी बोकारो प्रवीण रंजन और जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय के पदाधिकारियों के प्रति आभार जताया.
