Bokaro News : फुसरो नप क्षेत्र अंतर्गत करगली गेट स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में मानस सत्संग समिति बेरमो की ओर से 67 वां नवाह्न श्री श्री रामचरित मानस पाठ एवं महायज्ञ में छठे दिन मंगलवार की रात उज्जैन से आये श्री श्री लोकेशानंद शास्त्री ने संगीतमय मानस प्रवचन किया. उन्होंने अपने प्रवचन में श्रीराम और जानकी के विवाह, माता जानकी की विदाई का सुंदर वर्णन किया. कहा कि हमारे महापुरुषों ने अंग्रेजों से लड़कर हमें आजादी दिला दी. हमारे महापुरुष भगवान तो नहीं थे, पर उनकी वजह से हमारे मंदिरों में आज भगवान विराजमान हैं और हम भजन कर पा रहे हैं. अंग्रेजों से हमें आजादी तो मिली पर अंग्रेज हमें जातिवाद में बांटकर चले गये. कहा कि पूर्व में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र जाति हुआ करते थे, लेकिन आजादी के बाद अंग्रेजों के कारण हम अलग-अलग कई तरह के जाति में बंट गये हैं. इस कारण सर्वप्रथम हम सभी एक होकर हिंदू बने और एकता बनाये. तभी हमारा देश भारत विश्व गुरु बन सकता है. उन्होंने लोगों से आपस में बात करते हुए मधुर बोली बोलने की बात कही. कहा कि कठोर बात कभी ना बोलें, जिससे दूसरे को दुख पहुंचे. कहा कि इस शरीर का महत्व नहीं है, बल्कि शरीर के अंदर बसे आत्मा का महत्व है. इस तरह इस संसार का महत्व नहीं है, बल्कि संसार को बनाने वाले जगत पिता परमात्मा का महत्व है. यज्ञ को सफल बनाने में समिति के लोग लगे हुए हैं.
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