संवाददाता, बोकारो
स्थान : ऊषा पेट्रोल पंप. समय : शाम 07:01 बजे. अचानक से बम धमाका की आवाज सुनाई दी. इसके फौरन बाद धीमा व तेज के अंतराल में सायरन बजने लगा. दो मिनट तक सायरन बजने के बाद इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर एक्टिव हुआ. पेट्रोल पंप की लाइट बुझा दी गयी. दनादन पुलिस अधिकारियों का काफिला सायरन बजाते हुए हुई. धमाका के कारण लगी आग बुझाने के लिए दमकल की गाड़ी पहुंची. 07:06 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया. इधर, सुरक्षा दल ने घायलों को फर्स्ट एड की सुविधा दी. आपात स्थिति में रस्सी, बांस व अन्य सामान से स्ट्रेचर बनाया गया. 07:12 बजे एक- एक कर चार मल्टी ऑपरेशनल एम्बुलेंस घटनास्थल पहुंची. सभी घायलों को लेकर नजदीक के हॉस्पिटल में शिफ्ट किया. बोकारो डीसी अजय नाथ झा भी घटनास्थल पहुंचे और जरूरी दिशा निर्देश दिया. बुधवार को आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला में दो जगह ऊषा पेट्रोल पंप और मेडिकेंट हॉस्पिटल में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. लगभग 35 मिनट तक चले ड्रिल में 29 टीमों ने हिस्सेदारी ली. यह अलग बात है कि ब्लैक आउट के नाम पर बगल में ही स्थित एयरपोर्ट की लाइट बंद करने में अतिरिक्त तीन मिनट का समय लग गया. जिला प्रशासन की ओर से ड्रिल का आयोजन किया गया. इस संबंध में कई दौर की बैठक हुई, प्रेस वार्ता हुई. आम लोगों से सहभागिता की अपील की गयी. ड्रिल वाले स्थान से गुजरने वाले लोगों से अपील की गयी कि सभी वाहनों का हेड लाइट बंद कर लेंगे. लेकिन, कई लोग मॉक ड्रिल के दौरान रील बनाने लगे. बेवजह भीड़ लग गयी. इसके कारण एबुलेंस को भी बाहर निकलने में हॉर्न का प्रयोग करना पड़ा. इसी तरह अग्निशमन की गाड़ी भी भीड़ के कारण सहमी रफ्तार में ही आयी. ड्रिल को लेकर 29 टीमें शामिल रही. इन टीमों को डीसी, एसपी, डीडीसी, सीसीआर व मुख्यालय डीएसपी, एसी, चास ननि के अपर नगर आयुक्त, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, चास एसडीओ, चास सीओ, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, डीटीओ, भू-संरक्षण पदाधिकारी, नजारत पदाधिकारी, एक्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट, बीएसएनएल के जिला प्रमुख, डीएसओ व सिविल सर्जन नेतृत्व कर रहे थे.
