झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के निर्देशानुसार मनरेगा कर्मी सोमवार से तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर उतरे. 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जायेगी. सोमवार को बोकारो जिला के मनरेगा कर्मी चास प्रखंड कार्यकाल के बाहर धरना पर बैठे. कहा कि सरकार हमलोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. छह माह से अधिक समय से मानदेय नहीं दिया गया है. वर्ष 2024 में 79 दिनों की हड़ताल के बाद हुए समझौते को लागू किया जाये. मनरेगा कर्मियों की मृत्यु होने पर मुआवजा का कोई प्रावधान नहीं है. मंगलवार को डीसी कार्यकाल में समक्ष धरना दिया जायेगा. मौके पर बीपीओ पवन गुप्ता, सहायक अभियंता जय गुप्ता, मोहन महतो, लक्ष्मी, मनरेगा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुनील चंद्र दास, आनंद महथा, कुलदीप शेखर, तपन कुमार, मंजूर अंसारी, विवेक मोदी, कौशिक, जगबंधु, रामभरोसे, कृष्ण बिहारी, युधिष्ठिर, नारायण, अशोक आदि उपस्थित थे.
पेटरवार में भी आंदोलन
पेटरवार प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में प्रखंड के मनरेगा कर्मियों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर सांकेतिक हड़ताल शुरू की. प्रखंड मनरेगा कर्मी संघ के अध्यक्ष अशोक रजवार ने कहा कि मनरेगा कर्मी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करते आ रहे हैं, परंतु उपेक्षा का शिकार होते आ रहे हैं. सात माह से मानदेय नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. हड़ताल में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, ग्राम रोजगार सेवक, लेखा सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं.
