Bokaro: सरकारी स्कूल में बच्चों के भोजन पर संकट, 3 माह से नहीं मिली एमडीएम की राशि

Bokaro: बोकारो के सरकारी स्कूलों में पिछले तीन महीनों से मिड-डे मील (एमडीएम) की राशि नहीं मिलने के कारण बच्चों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है. राशि के अभाव में विद्यालय प्रबंधन परेशान है. उधार के भरोसे मध्याह्न भोजन योजना चल रही है. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

बोकारो से धर्मनाथ कुमार
Bokaro: सरकारी विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना वित्तीय संकट से जूझ रही है. जिले के कई सरकारी स्कूलों को पिछले तीन माह से एमडीएम मद की राशि नहीं मिली है. इसके कारण विद्यालय प्रबंधन और रसोइयों के सामने गंभीर परेशानी खड़ी हो गयी है. कई स्कूलों में उधार लेकर भोजन बनाया जा रहा है, जबकि कुछ जगहों पर मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है.

दुकानदार भी नहीं दे रहे उधार

विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का कहना है कि एमडीएम योजना के तहत समय पर राशि नहीं मिलने से चावल के अलावा दाल, सब्जी, मसाले, तेल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री खरीदना मुश्किल हो गया है. स्थानीय दुकानदार भी अब उधार देने से कतरा रहे हैं. ऐसे में बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है.

गरीब बच्चों के अभिभावक परेशान

अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं. उनके लिए मध्याह्न भोजन केवल एक योजना नहीं, बल्कि पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है. यदि राशि समय पर नहीं मिली तो इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति पर पड़ेगा.

शिक्षक संघ ने कही ये बात

झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ बोकारो के प्रधान सचिव गौतम कुमार सिंह ने कहा कि तीन माह से लंबित सरकारी विद्यालय में एमडीएम राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए, ताकि योजना सुचारु रूप से संचालित हो सके और बच्चों को निर्धारित गुणवत्ता का भोजन मिल सके.

क्या कहना है चास बीईईओ का

चास के बीईईओ प्रतिमा दास ने कहा कि सभी विद्यालयों से जानकारी ली जा रही है और उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है. मध्याह्न भोजन योजना की राशि मिलते ही विद्यालयों के खातों में हस्तांतरित कर दी जायेगी, ताकि एमडीएम का संचालन सामान्य रुप से हो सके.

क्या कहना है चंदनकियारी बीईईओ का

चंदनकियारी के बीईईओ कानन पात्रा ने कहा कि विद्यालयों में एमडीएम संचालन किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए. राशि प्राप्त होते ही सभी लंबित भुगतान कर दिये जायेंगे. विद्यालयों को बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और नियमितता बनाए रखने के निर्देश दिये गये हैं.

ये भी पढ़ें…

बोकारो: गोमिया में पिता की फटकार से भड़का बेटा, शराब के नशे में टांगी से कर दी हत्या

Bokaro News : राम मंदिर से श्याम मंदिर तक माहौल हुआ भक्तिमय

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >