Bokaro News : सीसीएल कथारा क्षेत्र में चिकित्सीय व्यवस्था खस्ताहाल, लोगों की बढ़ी परेशानी

Bokaro News : चार चिकित्सकों के सहारे कथारा रीजनल अस्पताल व तीन डिस्पेंसरियां

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राकेश वर्मा, बेरमो .

सीसीएल कथारा एरिया में पिछले कई माह से चिकित्सीय व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाने से एरिया अंतर्गत कथारा कोलियरी, जारंगडीह परियोजना, स्वांग-गोविंदपुर परियोजना, कथारा वाशरी एवं स्वांग वाशरी, गोविंदपुर भूमिगत खदान में कार्यरत करीब 3400 सीसीएल कर्मियों के अलावा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब 50 हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पिछले एक से डेढ़ दशक अंदर एरिया की तीन डिस्पेंसरियां बंद कर दी गयी हैं, वहीं जारंगडीह अस्पताल को डिस्पेंसरी बना दिया गया है. अगर माइंस में दुर्घटना में कोई वर्कर गंभीर रूप से घायल हो जाता है तो उसे कथारा रीजनल अस्पताल में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ढोरी केंद्रीय अस्पताल रेफर कर दिया जाता है तथा वहां बाेकारो या फिर रांची रेफर कर दिया जाता है.

चिकित्सक व पारा मेडिकल स्टॉफ की घोर कमी :

कथारा रीजनल अस्पताल में चिकित्सक व पारा मेडिकल स्टॉफ की काफी कमी है. चिकित्सा प्रभारी डॉ निशा टोप्पो के अलावा डॉ अमर कुमार, डॉ उमेश यादव तथा डॉ एसएस शर्मा पदस्थापित हैं. इसमें डॉ अमर कुमार स्वांग व गोविंदपुर परियोजना की डिस्पेंसरी में बैठते हैं तो डॉ एसएस शर्मा रोजाना दो घंटे जारंगडीह डिस्पेंसरी में सेवा देते हैं.

10-12 साल पहले बंद हो गयी कथारा बांध कॉलोनी की डिस्पेंसरी :

कथारा बांध कॉलोनी की डिस्पेंसरी करीब 10-12 साल पहले बंद कर दी गयी. इस डिस्पेंसरी में दो चिकित्सक के अलावा दवा, ड्रेसिंग, इंजेक्शन, ब्लड टेस्ट सहित कई तरह की सुविधाएं थी. कोल कर्मियों का सीक-फिट भी यहीं से बन जाया करता था. इस डिस्पेंसरी पर बांध कॉलोनी, महली बांध के सात टोलों, बांध बस्ती, कमल टोला, आइबीएम कॉलोनी, झिरकी बस्ती के लोगों को कथारा रीजनल अस्पताल जाना पड़ता है. वहीं कथारा रेलवे कॉलोनी की डिस्पेंसरी भी एक दशक से बंद है. इससे रेलवे कॉलोनी, कथारा बस्ती, असनापानी, कथारा चार नंबर कॉलोनी के करीब पांच हजार लोगों को चिकित्सीय सुविधा मिल जाती थी.

आरआर शॉप डिस्पेंसरी में खुला गया आउटसोर्सिंग कंपनी का ऑफिस :

कथारा एरिया के जारंगडीह आरआर शॉप की डिस्पेंसरी में सीसीएल वर्कर के अलावा 1, 2 व 3 नंबर कॉलोनी, सावित्री कॉलोनी व गंगोत्री कॉलोनी के लोगों का इलाज होता था. पांच-छह वर्ष पहले इस डिस्पेंसरी को बंद कर दिया गया. अब इस डिस्पेंसरी में एनइपीएल-पीएम डब्ल्यू आउटसोर्सिंग कंपनी का ऑफिस खुल गया है.

जारंगडीह अस्पताल को बना दिया गया डिस्पेंसरी :

सीसीएल कथारा एरिया अंतर्गत जारंगडीह में एनसीडीसी के समय कोलकर्मियों के अलावा असनापानी, खेतको, बरवाबेड़ा के ग्रामीणों की सुविधा के लिए जारंगडीह अस्पताल खोला गया था, यहां एक ओटी रूम, एक ड्रेसिंग रूम, तीन-चार रेगुलर चिकित्सक, आधा दर्जन से ज्यादा नर्स, एक ड्रेसर, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्निशियन, एक किचेन, एक भंडार, चार डॉक्टर चेंबर, एक सिस्टर केबिन के अलावा 10 बेड (5-5 महिला व पुरुष) की व्यवस्था थी, लेकिन 19 मई 2025 को प्रबंधन ने कथारा एरिया अस्पताल में इसे मर्ज कर दिया और अब यह डिस्पेंसरी के रूप में चल रहा है.

एक चिकित्सक के जिम्मे दो डिस्पेंसरी :

कथारा एरिया की जारंगडीह आरआर शॉप, कथारा बांध कॉलोनी, स्वांग वाशरी डिस्पेंसरियां बंद कर दी गयी हैं, जबकि स्वांग, गोविंदपुर और जारंगडीह डिस्पेंसरी चल रही है. इसमें गोविंदपुर एवं स्वांग डिस्पेंसरी में एक ही चिकित्सक के जिम्मे है. इस एरिया में जारंगडीह कोलियरी, कथारा कोलियरी, स्वांग-गोविंदपुर परियोजना, गोविंदपुर यूजी माइंस के अलावा स्वांग व कथारा वाशरी है.

पूरे कथारा एरिया में चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति खराब

पूरे कथारा एरिया में चिकित्सीय व्यवस्था की हालत खस्ताहाल है. बांध कॉलोनी, रेलवे कॉलोनी व आरआर शॉप की डिस्पेंसरी को बंद कर दिया गया तो जारंगडीह अस्पताल को डिस्पेंसरी बना दिया गया है. कथारा रीजनल अस्पताल में इमरजेंसी सेवा बंद करने का नोटिस चिपकाया गया था, लेकिन हमारी यूनियन के कड़े विरोध के बाद सीसीएल क्षेत्रीय प्रबंधन को इसे वापस लेना पड़ा.

विल्सन फ्रांसिस उर्फ बबलू

, कथारा एरिया सचिव आरसीएमयू

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Published by: Manoj kumar

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