Bokaro News : कोल इंडिया के मेगा प्रोजेक्ट में शुमार होगी कारो परियोजना

Bokaro News : सीसीएल की कारो परियोजना आने वाले समय में कोल इंडिया के मेगा प्रोजेक्ट में शुमार होगी.

सीसीएल बीएंडके प्रक्षेत्र की कारो परियोजना आने वाले समय में कोल इंडिया के मेगा प्रोजेक्ट में शुमार होगी. प्रबंधन के अनुसार कारो बस्ती गांव के शिफ्ट हो जाने के बाद यहां से लगभग 40 मिलियन टन कोयला मिलेगा. इसके लिए करगली के निकट नया आर आर साइट बनाया गया है. कारो परियोजना के क्वायरी-टू में लगभग 60 मिलियन टन कोल रिजर्व है. यह पूरा एरिया फोरेस्ट लैंड है. वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, भारत सरकार से इसका स्टेज-वन तथा स्टेज दो क्लीयर होने के बाद पहले फेज में पेड़ों को काटने का काम पूरा होने के बाद उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है. प्रबंधन के अनुसार आने वाले समय में कारो परियोजना से सालाना 11 मिलियन टन (110 लाख टन) कोयला उत्पादन होगा. इसको देखते हुए यहां सीएचपी (कोल हैंडलिंग प्लांट) का निर्माण किया जा रहा है. रेपिड लोडिंग सिस्टम (साइलो सिस्टम) आने के बाद ट्रक से कोयला की ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह से बंद हो जायेगी.

साइलो लोडिंग के लिए बनायी जा रही है रेलवे साइडिंग

आने वाले समय में कारो ओसीपी से उत्पादित कोयले को सेलो लोडिंग के जरीये कोल ट्रांसपोर्टिंग की गति को बढ़ाने के लिए नयी रेलवे साइडिंग का निर्माण किया जा रहा है. वाशरी के साइडिंग से करीब चार किमी नयी रेल लाइन का विस्तार भी किया जा रहा है. इसके मध्य फ्लाई ओवर भी बनेगा. साथ ही छोटे-छोटे तीन-चार पुल का निर्माण किया जायेगा. इसमें आइपीआरसीएल का अलग काम है तथा एशियन इंड वेल नामक कंपनी पूरा साइलो सिस्टम के अलावा कन्वेयर बेल्ट, ट्रक रिसिंवग सिस्टम का निर्माण करेगी. आइपीआरसीएल को नया रेलवे ट्रैक, वे ब्रीज, फ्लाई ओवर, सिग्नलिंग सिस्टम आदि का निर्माण करना है. आइपीआरसीएल से ही सब लेट पर एलाइव इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि इस कई कार्य को करीब 68 करोड़ रुपये की लागत से कर रही है. पूरी योजना करीब 400 करोड़ रुपये की है.

एकेके व कारो से सालाना 20 मिलियन टन होगा उत्पादन

एरिया की एकेके व कारो परियोजना को मिला कर सालाना 20 मिलियन टन का मेगा प्रोजेक्ट आने वाला समय में बनाया जायेगा. दोनों से सालाना 10-10 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने की योजना है. इसमें 80 फीसदी से ज्यादा कोयला भविष्य में सिर्फ रेल मोड से पावर व स्टील प्लांटों में जायेगा. एकेके में रेलवे साइडिंग का निर्माण हो चुका है. कारो रेलवे साइडिंग का काम भी वर्ष 2026 में पूरा हो जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >